‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ दिल्ली घोषणापत्र पर कर रहा विचार-विमर्श

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‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ दिल्ली घोषणापत्र पर कर रहा विचार-विमर्श

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 06:33 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 06:33 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के जून में नयी दिल्ली में होने वाले पहले शिखर सम्मेलन से पहले संगठन अपने सदस्य देशों के लिए स्वीकार्य घोषणापत्र तैयार करने में जुटा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

‘दिल्ली घोषणापत्र’ नाम से इस दस्तावेज को आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 में जारी किया जाएगा। इस सम्मेलन में शेर, तेंदुआ जैसी प्रजातियों के संरक्षण पर चर्चा के लिए दुनिया भर के नेता, विशेषज्ञ और साझेदार जुटेंगे।

अधिकारियों के अनुसार, इस घोषणा पत्र को लेकर अब तक दो दौर की चर्चा हो चुकी है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह घोषणा साझा प्राथमिकताओं को रेखांकित करेगी, सीमापार सहयोग को मजबूत बनाएगी और इन जानवरों एवं उनके रहवासों के संरक्षण के लिए परिदृश्य-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देगी।’’

यह शिखर सम्मेलन सात प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिनमें इन जानवरों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को मजबूत करना, उनके प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को प्रदर्शित करना तथा पर्यावास संरक्षण में नीति एवं संस्थागत तालमेल को बढ़ावा देना शामिल है।

‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ की स्थापना वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। यह अपनी तरह का पहला वैश्विक मंच है, जो उन देशों को साथ लाता है जहां शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, कालkा गुलदार और प्यूमा जैसे जानवर पाए जाते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में आईबीसीए में 25 हस्ताक्षरकर्ता देश और पांच पर्यवेक्षक देश शामिल हैं, और सऊदी अरब भी जल्द ही इस गठबंधन में शामिल हो जाएगा।

वैश्विक स्तर पर अमेरिका के 23 देशों में प्यूमा और जगुआर पाए जाते हैं। अफ्रीका के 42 देशों में शेर, चीता और तेंदुआ मौजूद हैं। वहीं एशिया के 30 देशों में शेर, चीता, तेंदुआ और हिम तेंदुआ पाए जाते हैं।

भाषा आशीष माधव

माधव