जम्मू-कश्मीर को फिल्मकारों की पहली पसंद बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने की कई पहल

Ads

जम्मू-कश्मीर को फिल्मकारों की पहली पसंद बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने की कई पहल

  •  
  • Publish Date - May 10, 2026 / 04:47 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 04:47 PM IST

(सुमीर कौल)

श्रीनगर, 10 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर को दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं के लिए किफायती बनाने के प्रयास के तहत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कई नयी पहल की हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अच्छी से अच्छी शूटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना और युवाओं को तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित करके रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री अब्दुल्ला न केवल बॉलीवुड, बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा और म्यूजिक वीडियो प्रोड्यूसरों को भी जम्मू-कश्मीर की ओर आकर्षित करने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने “सिंगल-विंडो क्लियरेंस’’ प्रणाली और निर्माण लागत में कमी का आश्वासन दिया है।

अब्दुल्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च निर्माण लागत के कारण अक्सर फिल्म निर्माता अन्य जगहों का चयन करते हैं, इसे देखते हुए सरकार मुंबई के विभिन्न प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को ‘सिनेमैटोग्राफी’ और ‘लाइटिंग’ जैसे तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘हम बड़ी संख्या में कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए मुंबई में संगठनों के साथ काम कर रहे हैं, क्योंकि जब कोई फिल्म यूनिट यहां आए, तो उन्हें सभी फिल्म कर्मी अपने साथ नहीं लाने पड़ें।’

मुख्यमंत्री ने कहा, “इसका दोहरा फायदा है। इससे फिल्म यूनिट्स के लिए खर्च कम होगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।”

उन्होंने कहा, ‘देखिए, हमें यह समझना होगा कि यहां ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करना जरूरी है, जिससे लोग आसानी से आकर फिल्म बना सकें। हमें इसे आसान और सस्ता बनाना होगा, क्योंकि निर्माण लागत बहुत ज्यादा होती है। इसलिए हम प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशिक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।”

अब्दुल्ला ने कहा कि कर्मचारियों के प्रशिक्षित करने के अलावा सरकार फिल्मांकन के लिए ‘साजो-सामाज’ पर भी ध्यान दे रही है और इसके लिए फिल्म निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उच्चस्तरीय उपकरण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना है, जिसमें स्पॉटलाइट्स से लेकर कैमरा डॉली तक शामिल होंगे।

उन्होंने कहा, ‘इससे उन्हें हर चीज यहां लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हम फिलहाल इसपर काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि इसके परिणाम दिखाई देंगे।”

सरकारी बाधाओं के संबंध में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की फिल्म नीति पर्यटन विभाग के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है, जिसके तहत सभी अनुमतियों के संबंध में समन्वय करने के लिए एक समर्पित अधिकारी नियुक्त किया गया है।

कुछ ‘मंजूरियों में समस्याओं’ को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रशासन ने इन बाधाओं को दूर करने का काम किया है ताकि क्रिएटिव टीमों को बेहतर अनुभव मिले।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश