जम्मू, 16 जून (भाषा) जम्मू संभाग में जारी नशा विरोधी अभियान के तहत अब तक मादक पदार्थ के 700 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं या ध्वस्त की गई हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं, मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास प्रयासों को भी तेज किया गया है। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर रोक लगाना और नशामुक्त समाज को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि यह जानकारी जम्मू संभाग में चलाए जा रहे 100 दिवसीय नशा विरोधी अभियान की दो महीने की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दी गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तूती ने की।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में बताया गया कि मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कुल 598 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन मामलों में अब तक 701 तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, जम्मू संभाग में मादक पदार्थों की गतिविधियों से जुड़े 155 संवेदनशील केंद्रों की पहचान की गई है।
उन्होंने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस के तहत 24 निरोधात्मक आदेश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा, बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिनमें 14 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 49 किलोग्राम गांजा, 3.712 किलोग्राम चरस और 204.5 किलोग्राम पोस्ता भूसा (पॉपी स्ट्रॉ) शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि अभियान के दौरान अवैध फसलों को भी नष्ट किया गया। इसमें 52 मरला से अधिक क्षेत्र में उगाए गए पोस्ता (अफीम) के पौधे, 25.43 किलोग्राम पोस्ता भूसा, 44 कनाल से अधिक क्षेत्र में उगी भांग तथा 476 लीटर अवैध शराब को नष्ट किया गया।
उन्होंने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निवारक उपाय के तहत 19.30 करोड़ रुपये मूल्य की 62 अचल संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है। इसके अलावा 24.868 करोड़ रुपये मूल्य की 21 अचल संपत्तियां जब्त या कुर्क की गई हैं, जबकि 1.69 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियां भी जब्त या कुर्क की गई हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक कुल 180 पासपोर्ट के निलंबन की सिफारिश की गई है। इसके अलावा 101 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 81 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में परिवहन विभाग द्वारा 243 वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) निलंबित किए गए हैं, जबकि 94 पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देते हुए, नशा करने वाले 2,293 लोगों में से 884 युवाओं की पुनर्वास के लिए पहचान की गई। इनमें से 547 युवाओं का पुनर्वास किया जा चुका है, जबकि 254 युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत से प्रभावित लोगों को रोजगार से जोड़कर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। साथ ही बच्चों को पर्याप्त खेल सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे नशे की गिरफ्त में आने से बच सकें।
संभागीय आयुक्त ने नशा मुक्ति केंद्रों को और सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि पुनर्वास की सुविधा ले चुके युवाओं से नियमित रूप से संपर्क किया जाए और उनकी प्रगति की लगातार निगरानी की जाए।
जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) ने कहा कि ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत जारी कार्रवाई में अब तक उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई है।
भाषा तान्या मनीषा
मनीषा