झारखंड परीक्षा विवाद: प्रदर्शन स्थगित, प्रदर्शनकारियों ने सरकार को मुद्दों के समाधान के लिए दो महीने का समय दिया

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झारखंड परीक्षा विवाद: प्रदर्शन स्थगित, प्रदर्शनकारियों ने सरकार को मुद्दों के समाधान के लिए दो महीने का समय दिया

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 05:49 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 05:49 PM IST

रांची, 19 अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने बुधवार को अपना 26 दिन से जारी प्रदर्शन स्थगित कर दिया और राज्य सरकार को समस्याओं के समाधान के लिए दो महीने का समय दिया।

यह घोषणा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार की ओर से मंगलवार को 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और 2014 से राज्य लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा एक आउटसोर्स एजेंसी द्वारा कराई गई 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश के एक दिन बाद की गई।

‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के एक नेता ने कहा, ‘‘हम अब आंदोलन स्थगित कर रहे हैं और सरकार को दो महीने की चेतावनी दे रहे हैं कि वह मुद्दों का समाधान करे और भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराए।’’

छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मंच ने बताया कि यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी प्रदर्शन के दौरान 15 दिन से अनशन कर रहे तीन प्रदर्शनकारियों – रूपेश कुमार पाल, सविता कुमारी और राहुल क्रांति – ने बुधवार को अनशन समाप्त कर दिया।

मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा, ‘‘छात्रों के 26 दिन के आंदोलन के दबाव में झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कीं और 23 अन्य की जांच शुरू की।’’

प्रवक्ता पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि यदि मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

इस बीच, परीक्षाएं रद्द किए जाने के फैसले से उन अभ्यर्थियों में चिंता फैल गई है, जिन्होंने इन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पाई थी।

रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा भी शामिल है। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

भाषा शुभम शफीक

शफीक