झारखंड सरकार ने मृत नवजात के लिए एम्बुलेंस नहीं देने के आरोप की जांच के आदेश दिए

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झारखंड सरकार ने मृत नवजात के लिए एम्बुलेंस नहीं देने के आरोप की जांच के आदेश दिए

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 12:00 AM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 12:00 AM IST

चाईबासा, सात मार्च (भाषा) झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल द्वारा एक माता-पिता को अपने मृत नवजात शिशु को ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अजॉय सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘हम चक्रधरपुर अस्पताल में हुई घटना के बारे में लगाए गए आरोपों से अवगत हैं। हम जांच शुरू करेंगे और इसमें शामिल पाए गए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

केराइकेला थाना क्षेत्र के बंगरासाई गांव के निवासी रामकृष्ण हेम्ब्रम ने कहा कि उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी रीता तिरिया को इस सप्ताह की शुरुआत में अस्पताल में भर्ती कराया था।

उनके मुताबिक, उनकी पत्नी ने शनिवार को एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन कथित तौर पर लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल ने नवजात का शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई।

हेम्ब्रम ने आरोप लगाया कि उन्हें अंतिम संस्कार के लिए शव को लकड़ी के बक्से में अपने गांव ले जाना पड़ा।

हालांकि, अस्पताल प्रभारी अंशुमान शर्मा ने आरोप से इनकार किया और कहा कि हेम्ब्रम ने एम्बुलेंस का अनुरोध नहीं किया था।

शर्मा ने कहा कि उन्होंने एम्बुलेंस की मांग नहीं की और शव लेकर अस्पताल से चले गए।

शर्मा के अनुसार अनुरोध किए जाने पर अस्पताल ऐसे मामलों में 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से मुफ्त एम्बुलेंस की व्यवस्था करता है।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश