कोलकाता, 15 मार्च (भाषा) विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा से कुछ घंटे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि, प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का मार्च से भुगतान करने की घोषणा की।
इस संशोधन के बाद, पुरोहितों व मुअज्जिनों को अब प्रति माह 2,000 रुपये मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि बंगाल सरकार इस साल मार्च से अपने कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान करेगी।
बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार, उन्हें मार्च 2026 से आरओपीए 2009 के तहत मिलने वाली महंगाई भत्ता राशि का बकाया मिलना शुरू हो जाएगा।”
यह बकाया वेतन और भत्तों का संशोधन (आरओपीए) 2009 से संबंधित है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है। इसमें शिक्षकों, नगर पालिका और पंचायत कर्मचारियों तथा अन्य अनुदान प्राप्त संस्थानों के वेतन और भत्ते शामिल हैं।
बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है, जिनकी सेवा हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है। इस संशोधन के साथ, उन्हें अब प्रतिमाह 2,000 रुपये मिलेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा मानदेय के लिए प्रस्तुत सभी नए आवेदनों को मंजूरी दे दी है।
धार्मिक सद्भाव पर सरकार के रुख को रेखांकित करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘हमें ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने पर गर्व है जहां प्रत्येक समुदाय और परंपरा को महत्व दिया जाता है और उसे मजबूत किया जाता है। हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षकों को वह मान्यता और समर्थन मिले जिसके वे हकदार हैं।’’
भाषा शफीक प्रशांत
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