विश्व भारती के कला भवन और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच के बीच समझौता
विश्व भारती के कला भवन और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच के बीच समझौता
शांतिनिकेतन (पश्चिम बंगाल), 10 अगस्त (भाषा) विश्व भारती विश्वविद्यालय के कला भवन और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच ने दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच अकादमिक एवं कलात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारी ने बताया कि इस सहयोग के तहत यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच के दो प्रोफेसर कला भवन के विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे हैं और कलात्मक गतिविधियों एवं प्रयोगों पर सत्र आयोजित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शांतिनिकेतन में 12 अगस्त तक चलेगा। ये सत्र पिछले सप्ताह कला भवन की नंदन आर्ट गैलरी में शुरू हुए। इस दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच के डिजाइन विभाग के प्रोफेसर डेविड मैकडॉवेल वाटरवर्थ और इयान थॉम्पसन तथा कला भवन के प्राचार्य शिशिर साहाना मौजूद थे।
साहाना ने कहा, ‘‘इंग्लैंड के विद्यार्थियों को कला भवन की कलात्मक परंपराओं और गतिविधियों को करीब से अनुभव करके बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा। ये गतिविधियां ग्रामीण परिवेश और रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों से गहराई से जुड़ी हैं। वहीं, हमारे विद्यार्थी उनके देश में अपनाई जाने वाली कला की विभिन्न पद्धतियों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि ग्रीनविच के प्रोफेसर विश्व भारती के परिसर से प्रभावित हुए और उन्होंने इसे ‘‘खुली कला दीर्घा’’ बताया।
साहाना ने कहा, ‘‘थाईलैंड, फ्रांस और नीदरलैंड के संस्थानों के साथ हमारे एमओयू के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को इन देशों की यात्रा करने और कार्यशालाओं में भाग लेने के अवसर भी मिलेंगे।’’
नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा 1921 में स्थापित विश्व भारती को 2023 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। कला भवन विश्वविद्यालय के प्रमुख कला शिक्षा केंद्रों में से एक है और इसका संबंध नंदलाल बोस जैसे दिग्गज कलाकारों से रहा है।
वर्ष 1890 में स्थापित यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच का मुख्य परिसर लंदन में है और इसका एक परिसर शहर के तटीय क्षेत्र में भी स्थित है।
अधिकारी ने बताया कि एमओयू के तहत ग्रीनविच के दोनों प्रोफेसर 12 अगस्त तक शांतिनिकेतन में रहेंगे और कला भवन के विद्यार्थियों के साथ कार्यशालाओं, चर्चा, कलात्मक विचारों के आदान-प्रदान तथा अन्य गतिविधियों में भाग लेंगे।
भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश
नरेश

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