आंध्र प्रदेश में दुर्घटना में मेडिकल छात्रा की मौत: पिता ने आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की
आंध्र प्रदेश में दुर्घटना में मेडिकल छात्रा की मौत: पिता ने आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की
हैदराबाद, 10 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश में सड़क हादसे में जान गंवाने वाली स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रा के पिता ने सोमवार को घटना के जिम्मेदार लोगों के लिए मौत की सजा की मांग की।
प्रियंका के पिता वेंकटेश ने यहां संवाददाताओं से कहा कि किसी अन्य पिता को अपनी बेटी को खोने का दर्द न सहना पड़े।
प्रियंका का शव पोस्टमार्टम के लिए सोमवार को शहर के गांधी सरकारी अस्पताल लाया गया।
प्रियंका की नौ अगस्त को यहां एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी।
प्रियंका (29) को छह अगस्त को आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में एक शॉपिंग मॉल के बाहर गंभीर चोटें आई थीं।
पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर नशे में कार चला रहे एक व्यक्ति ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।
मोटरसाइकिल पर प्रियंका और एक अन्य स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रा सवार थी।
प्रियंका को पहले राजमहेंद्रवरम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
इलाज के दौरान रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
अपनी बेटी की मौत के बारे में बात करते हुए भावुक हुए वेंकटेश ने कहा कि उनकी बेटी उनकी ‘‘जिंदगी’’ थी।
तेलंगाना के गडवाल मंडल के रहने वाले वेंकटेश ने बताया कि वह अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए आंध्र प्रदेश के कुरनूल में आकर बस गए थे।
तेलंगाना के खेल मंत्री वकिति श्रीहरि और कांग्रेस के पूर्व विधायक एस. ए. ए. संपत कुमार ने गांधी अस्पताल में प्रियंका के माता-पिता को सांत्वना दी।
श्रीहरि ने कहा कि तेलंगाना सरकार शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि संपत कुमार प्रियंका के माता-पिता के साथ उसके शव को तेलंगाना के गडवाल जिले में स्थित उनके पैतृक गांव एक्लासपुर ले गए।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को प्रियंका की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए उसके परिवार के लिए 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिम्मेदार लोगों के लिये कड़ी सजा सुनिश्चित करने के वास्ते पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप

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