कन्नूर (केरल), 16 अप्रैल (भाषा) कन्नूर डेंटल कॉलेज में संकाय सदस्यों द्वारा कथित तौर पर जाति के आधार पर प्रताड़ित किए जाने के कारण बीडीएस के छात्र नितिन राज की मौत के विरोध में छात्रों ने बृहस्पतिवार को परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
परीक्षा दे रहे छात्रों को छोड़कर सभी बैच के छात्रों ने अंजराकांडी स्थित डेंटल कॉलेज के सामने विरोध मार्च निकाला और धरना दिया।
राज को न्याय मिलने और संबंधित संकाय सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई होने तक छात्रों ने सफेद कोट पहनने से भी इनकार कर दिया।
बीडीएस प्रथम वर्ष का छात्र नितिन राज (22) आर. एल. 10 अप्रैल को एक इमारत से गिरने के बाद मेडिकल कॉलेज ब्लॉक के पास गंभीर रूप से घायल पाया गया था और बाद में उसने दम तोड़ दिया था।
राज को उसकी जाति और रंग के आधार पर परेशान किए जाने के आरोपों के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) पर अत्याचार की रोकथाम से संबंधित एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत दो संकाय सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
छात्र प्रतिनिधियों ने पत्रकारों को बताया कि राज की मौत के कई दिन बीत जाने के बाद भी कॉलेज प्रबंधन ने अब तक प्रमुख मुद्दों का समाधान नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों का विस्तृत विवरण देने वाली एक अर्जी प्रबंधन को सौंपी जाएगी।
छात्रों ने मांग की कि इस मामले में मुख्य आरोपी डेंटल एनाटॉमी के विभाग प्रमुख एम. के. राम को कॉलेज से हटाया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम राज की मौत में शामिल अन्य कॉलेज कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं। हम कॉलेज में छात्र-अनुकूल वातावरण चाहते हैं क्योंकि प्रबंधन ने हमारी समस्याओं के प्रति कभी कोई चिंता नहीं दिखाई है।’’
छात्रों ने संस्थान के कामकाज में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि छात्र संघ की अपनी सीमाएं हैं क्योंकि उसे कॉलेज का समर्थन प्राप्त नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज की मौत की जांच पारदर्शी तरीके होनी चाहिए और हम जानना चाहते हैं कि उसके साथ क्या हुआ। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम प्रदर्शन जारी रखेंगे।’’
छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय की परीक्षाएं जारी रहने के कारण वे मौन प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक हमारी चिंताओं का समाधान नहीं हो जाता, हम सफेद कोट नहीं पहनेंगे। यदि यहां आने वाले मरीजों की देखभाल करानी है, तो पहले हमारी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।’’
पुलिस में मामला दर्ज होने के अलावा केरल एससी/एसटी आयोग, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग, केरल राज्य युवा आयोग और चिकित्सा शिक्षा विभाग इस संबंध में अलग-अलग जांच कर रहे हैं।
पुलिस द्वारा दर्ज मामले में आरोपी एम. के. राम और डॉ. संगीता का अब तक पता नहीं चल पाया है।
जारी विरोध प्रदर्शन के बीच डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने उस डेंटल क्लिनिक पर हमला किया जहां डॉ. एम. के. राम प्रैक्टिस करते थे।
हमले में कन्नूर के एडक्कड़ स्थित डॉ. दिलना के डेंटल क्लिनिक को निशाना बनाया गया।
पुलिस के अनुसार, डीवाईएफआई के नेता विरोध मार्च के तहत क्लिनिक पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने रोक दिया।
बाद में कार्यकर्ताओं ने इमारत पर डीवाईएफआई के झंडे, पोस्टर और बैनर लगाए।
इसी प्रकार, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की युवा शाखा मुस्लिम यूथ लीग ने कन्नूर शहर के पुलिस आयुक्त के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने बीडीएस छात्र की मौत के मामले में डॉ. एम. के. राम सहित मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस की विफलता की निंदा की।
पुलिस ने अवरोधक लगाकर मार्च को रोक दिया।
बाद में प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें की गईं। हालांकि, प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे और दोपहर तक आंदोलन जारी रखा।
भाषा सुरभि शोभना
शोभना