नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) उत्तर पूर्वी दिल्ली में जारी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की टुकड़ियों के साथ 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
श्रावण माह की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से शुरू हुई यह वार्षिक यात्रा 11 अगस्त को श्रावण माह शिवरात्रि के अवसर पर समाप्त होगी, जब श्रद्धालु शिव मंदिरों में गंगाजल अर्पित करेंगे।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राहुल अलवल ने बताया, ‘बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के कांवड़िए हरियाणा और राजस्थान जाने के लिए उत्तर पूर्वी दिल्ली से होकर गुजरते हैं, जिससे यह जिला यात्रा के लिए प्रमुख पारगमन गलियारों में से एक बन जाता है।’
उन्होंने एक बयान में कहा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुगम और शांतिपूर्ण आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात उपाय किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि जिले में 78 कांवड़ शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 31 पूरी तरह से चालू हैं जबकि शेष श्रद्धालुओं के लिए तैयार किए जा रहे हैं।
अलवल ने कहा, ‘वरिष्ठ अधिकारी पूरी यात्रा अवधि के दौरान तैनाती और सुरक्षा उपायों पर नज़र रखेंगे। चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया के समन्वय के लिए वाई-पॉइंट धरमपुरा, मौजपुर चौक, खजूरी खास चौक और गोकलपुरी टी-पॉइंट के पास चार उप-नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं।’
पुलिस के अनुसार, चार सहायक आयुक्तों, 40 निरीक्षकों, 262 उप-निरीक्षकों और सहायक उप-निरीक्षकों, 1,145 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल तथा 81 महिला कर्मियों सहित कुल 1,533 कर्मियों को तैनात किया गया है।
बयान में कहा गया है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएएपीएफ) के अतिरिक्त 250 कर्मियों को दो पालियों में तैनात किया गया है।
पुलिस ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर गश्त के लिए 27 पीसीआर वैन, पांच प्रखर वाहन और 107 मोटरसाइकिलें भी तैनात की हैं। अधिकारियों ने कांवड़ शिविर आयोजकों को निगरानी मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और ‘मचान’ बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसमें कहा गया है कि कांवड़ियों के मुख्य प्रवेश बिंदुओं में केशव चौक, डीएलएफ बॉर्डर, भोपुरा बॉर्डर, गोकलपुरी, लाल बाग मंडी, सभापुर-खजूरी पुश्ता और चौहान पट्टी शामिल हैं, जबकि मुख्य निकास मार्ग पुराना यमुना पुल, युधिष्ठिर सेतु, सिग्नेचर ब्रिज और वजीराबाद ब्रिज हैं।
डीसीपी ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के समकक्षों के साथ अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें की गई हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रा के दौरान समन्वित प्रबंधन और सांप्रदायिक सौहार्द सुनिश्चित करने के लिए नगर निकाय एजेंसियों के प्रतिनिधियों, अमन समिति के सदस्यों, पुजारियों और इमामों के साथ भी बैठकें की हैं।
उन्होंने कहा, ‘श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। वजीराबाद रोड, विकास मार्ग, जीटी रोड और उनसे जुड़े मार्गों पर 12 अगस्त तक भारी व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है या उनका मार्ग परिवर्तित किया गया है
बयान के मुताबिक, कांवड़ियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए अप्सरा बॉर्डर और यमुना ब्रिज के बीच जीटी रोड नौ अगस्त की सुबह सात बजे से 12 अगस्त की रात आठ बजे तक सामान्य यातायात के लिए बंद रहेगा।
पुलिस ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों और उनके वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश