नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल में विलय नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा तभी हो सकता है जब टीएमसी खुद ऐसा करना चाहे।
सिब्बल का यह बयान टीएमसी में बगावत के और गहराने के बाद आया है, जब बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और सदन में बैठने के लिए अलग व्यवस्था की मांग की, साथ ही ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी’ में अपने विलय की घोषणा भी की।
सिब्बल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘टीमएसी के बागी नेता नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेंगे। भारतीय लोकतंत्र ‘बेतुका तमाशा’ बन गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘टीएमसी के बागी सांसद किसी राजनीतिक पार्टी में विलय नहीं कर सकते; ऐसा तभी हो सकता है जब टीएमसी खुद ऐसा करना चाहे।’’
सिब्बल ने कहा कि टीएमसी के बागी सांसदों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सदन में अपने लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि टीएमसी के दो-तिहाई लोकसभा सदस्यों ने एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है।
उन्होंने कहा, ‘‘टीएमसी के दो-तिहाई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को अलग बैठने की व्यवस्था के लिए पत्र दिया है। हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय करेंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करेंगे।’’
टीएमसी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि असंतुष्ट खेमे ने पहले ही नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में अपना विलय कर लिया है, जिसे उन्होंने एक क्षेत्रीय दल बताया।
भाषा शफीक दिलीप
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