बेंगलुरु, 16 मार्च (भाषा) विधायकों के सवालों के जवाब नहीं मिलने से नाराज कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यू टी खादर ने सोमवार को सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी और बाहर चले गए। उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित मंत्री और सचिव स्पष्टीकरण नहीं देंगे, तब तक वह सदन नहीं चलाएंगे।
अध्यक्ष के इस कदम को कई विधायकों ने ‘अभूतपूर्व’ बताया। उन्होंने यह कदम तब उठाया जब गृह मंत्री जी परमेश्वर ने 230 अतारांकित प्रश्नों के मुकाबले केवल 84 लिखित उत्तर प्रस्तुत किए।
खादर ने विधायकों के कुछ ही सवालों का जवाब देने के सरकार के रवैये पर शुक्रवार को कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा था कि उनकी ‘विनम्रता’ को ‘कमजोरी’ नहीं समझा जाना चाहिए।
पिछले सप्ताह, खादर ने कई-बार, हालांकि नरम लहजे में सरकार से विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर सुनिश्चित करने का आग्रह किया था।
परमेश्वर द्वारा लिखित उत्तर प्रस्तुत करते ही, नेता प्रतिपक्ष आर अशोक सहित विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने अध्यक्ष को बताया कि बार-बार चेताने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जबकि गृह मंत्री ने दावा किया कि ‘थोड़ा सुधार हुआ है।’
अशोक ने अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “50 प्रतिशत सवालों के भी जवाब नहीं दिए गए। आप (अध्यक्ष) इन्हें (सरकार को) चार बार चेतावनी दे चुके हैं, पांचवीं बार दीजिए। इसे रिकॉर्ड में दर्ज होने दीजिए। यह सरकार खत्म हो चुकी है… चेतावनियों के बावजूद इनमें कोई सुधार नहीं हुआ है। अधिकारी भगवान की तरह आते हैं, भगवान की तरह घर जाते हैं।”
खादर ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने आसन से चार बार ‘स्पष्ट आदेश’ जारी किए थे। उन्होंने कहा, “यह सदन मंत्रियों के लिए नहीं है। यह सत्र विधायकों के लिए आयोजित किया जाता है, और यह उनके लिए हर तीन महीने में एक बार अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए होता है।’’
खादर ने कहा, ‘‘सभी दलों के विधायक प्रश्न पूछते हैं। उनमें से केवल 15 प्रश्न ही प्रतिदिन ‘तारांकित’ (सदन में उत्तर दिए जाने वाले प्रश्न) होते हैं। यदि शेष (अतारांकित) प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया जाता है, तो उन्हें (विधायकों को) इस सदन में आने की क्या आवश्यकता है?”
पूछे गए सवालों के उचित जवाब न मिलने की ओर इशारा करते हुए अध्यक्ष ने कहा, ‘अध्यक्ष द्वारा चार बार स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद सुधार के कोई संकेत नहीं हैं। हम इस सदन को कैसे चलाएंगे?’
उन्होंने सदन को स्थगित करने और बाहर चले जाने से पहले कहा, ‘इसलिए, जब तक संबंधित मंत्री और सचिव उचित स्पष्टीकरण नहीं देते, मैं इस सदन को नहीं चलाऊंगा।’
बाद में, जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए जाएं और उचित कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अपना जवाब देगी, और इसी के साथ उन्होंने सदन को दोपहर के भोजन के लिए स्थगित कर दिया।
भाषा आशीष नरेश
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