कर्नाटक मंत्रिमंडल ने तुलु को राज्य की दूसरी अतिरिक्त भाषा के रूप में मान्यता देने का फैसला किया

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने तुलु को राज्य की दूसरी अतिरिक्त भाषा के रूप में मान्यता देने का फैसला किया

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने तुलु को राज्य की दूसरी अतिरिक्त भाषा के रूप में मान्यता देने का फैसला किया
Modified Date: September 18, 2026 / 05:12 pm IST
Published Date: September 18, 2026 5:12 pm IST

(फाइल फोटो सहित)

मंगलुरु (कर्नाटक), 18 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने तुलु को राज्य की दूसरी अतिरिक्त भाषा के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य रूप से दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में बोली जाने वाली तुलु भाषा में शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास की काफी संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए मंत्रिमंडल के नोट में कहा गया है कि यह ‘‘दूसरी अतिरिक्त प्रशासनिक भाषा’’ होगी।

शिवकुमार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार तटीय कर्नाटक के लिए अलग पर्यटन नीति लाएगी, क्योंकि यहां लंबा समुद्री तट, समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक एवं विरासत स्थल हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने 32,611 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें 16,000 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास और इतनी ही राशि तटीय क्षेत्र के लिए निर्धारित की गई है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में