बेंगलुरु, छह अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खांडरे ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 14 सितंबर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव से पहले ग्राम पंचायत सीमाओं के भीतर केवल पर्यावरण-अनुकूल और बिना पेंट वाली मिट्टी की गणेश मूर्तियों की स्थापना और विसर्जन की अनुमति दी जाए।
मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ने जल संसाधनों और पर्यावरण के संरक्षण के प्रयासों के तहत ग्राम पंचायतों को केवल पर्यावरण-अनुकूल गौरी और गणेश मूर्तियों की अनुमति देने का आदेश दिया है।
विभाग के सचिव को लिखे लिखित पत्र में खांडरे ने स्पष्ट किया कि रासायनिक रंगों से पुती और प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियों के विसर्जन की अनुमति बिल्कुल न दी जाए।
त्योहार के दौरान लोगों की धार्मिक भावनाओं पर कोई विपरीत असर न पड़े, इसके लिए उन्होंने उत्सव से काफी पहले ही पीओपी मूर्तियों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मदद से पंचायत स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने का भी आह्वान किया।
जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33ए का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में जलाशयों में पीओपी मूर्तियों के विसर्जन पर पहले से ही रोक है।
एक सरकारी आदेश के जरिए पीओपी मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे सख्ती से लागू करने के निर्देश कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी दिए हैं।
भाषा
सुमित रंजन
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