नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बेंगलुरु स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (केएपीएल) के प्रबंध निदेशक अनुराग दनायक को पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि रिश्वत दिए जाने की सूचना मिलने के बाद एजेंसी ने नोएडा में जाल बिछाया, जहां दनायक को केएपीएल के सेवा एजेंट के रूप में काम करने वाली एक कंपनी से पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
प्रवक्ता ने बताया, ‘‘आरोपी प्रबंध निदेशक ने भोपाल स्थित एक फर्म से करीब 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह फर्म केएपीएल की अधिकृत सेवा एजेंट है और मध्यप्रदेश में सरकारी संस्थानों को दवाओं की आपूर्ति करती है।’’
सीबीआई के अनुसार चालू वर्ष में दवाओं की बिक्री से मिलने वाले कमीशन में हिस्सेदारी के रूप में भी रिश्वत मांगी गई थी।
प्रवक्ता ने बताया, ‘‘आरोपी प्रबंध निदेशक को नोएडा में आंशिक भुगतान के रूप में पांच लाख रुपये स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।’’
एजेंसी ने आरोपी के बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित आवासीय एवं कार्यालय परिसरों पर छापेमारी भी की।
बयान के मुताबिक, आरोपी के नोएडा स्थित आवास और बेंगलुरु स्थित कार्यालय कक्ष से करीब 75 लाख रुपये नकद तथा चार लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त की गई है।
एजेंसी ने बताया कि इसके अलावा, लगभग 86 लाख रुपये मूल्य के 697 ग्राम सोने के आभूषण/सिक्के और फ्लैट के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
भाषा जितेंद्र अविनाश
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