बेंगलुरु, 10 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के मंत्री के. एच. मुनियप्पा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया।
मंत्री ने केंद्र पर संकट में फंसे ऑटो चालकों की मदद करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बाद मंत्री ने ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
बेंगलुरु और राज्य के कई अन्य स्थानों पर ऑटो एलपीजी की कमी के कारण ऑटो सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। कई इलाकों में ईंधन स्टेशन के बाहर ऑटो की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां चालक आपूर्ति के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने पत्रकारों को बताया, ‘व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति में सुधार हुआ है, लेकिन ऑटो गैस की आपूर्ति में नहीं। मुख्य सचिव ने छह अप्रैल को केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। इससे पहले मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) और मैंने भी उन्हें पत्र लिखे थे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।’
ऑटो चालकों की मदद के लिए उपायों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी।
उन्होंने कहा, ‘ऑटो गैस पर निर्भर लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है और मुझे लगता है कि केंद्र सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है।’
उन्होंने कहा, ‘राज्य में लगभग पांच लाख ऑटो में से तीन लाख ऑटो गैस पर निर्भर हैं। इनमें से 1.6 लाख बेंगलुरु में हैं और उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हमने केंद्र सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए पत्र लिखा है, क्योंकि चालकों की आजीविका ऑटो पर निर्भर है। मैं केंद्र से इस समस्या का समाधान करने का आग्रह करता हूं।’ उन्होंने बताया कि कर्नाटक में गैस से चलने वाले ऑटो की संख्या सबसे अधिक है।
भाषा
शुभम पवनेश
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