कर्नाटक के सांसद लंबित सिंचाई परियोजनाओं के लिए संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री से मिलेंगे: शिवकुमार
कर्नाटक के सांसद लंबित सिंचाई परियोजनाओं के लिए संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री से मिलेंगे: शिवकुमार
नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) कर्नाटक के सभी दलों के सांसदों की मंगलवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि लंबे समय से लंबित जल और सिंचाई परियोजनाओं के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल का गठन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने यह जानकारी दी।
राज्य सरकार में जल संसाधन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे शिवकुमार ने यहां हुई बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कर्नाटक के 41 सांसदों में से करीब 24 सांसदों ने हिस्सा लिया।
हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई सहित भाजपा सदस्यों ने अनुरोध किया कि पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद इस मुद्दे पर एक और बैठक बुलाई जाए क्योंकि निर्णयों का असर चुनाव वाले राज्यों पर पड़ सकता है।
शिवकुमार ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले, केंद्रीय मंत्रियों के साथ चर्चा के बाद बैठक की तारीख तय की गई थी।’’
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और वी सोमन्ना संसद की कार्यवाही का हवाला देते हुए बैठक में उपस्थित नहीं हुए। उन्हें सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया गया था।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘हमने लंबित सिंचाई परियोजनाओं में हुई प्रगति के बारे में सांसदों को जानकारी दी। कुछ दस्तावेज साझा किए गए। केंद्रीय मंत्रियों और प्रधानमंत्री से मिलने के लिए कर्नाटक के सांसदों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल भेजने पर सहमति बनी।’’
उन्होंने बताया कि राज्य विधानसभा चुनाव के बाद होने वाली अगली बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा। राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति भी बैठक में मौजूद रहीं।
बैठक में उपस्थित सांसदों में जगदीश शेट्टार, गोविंदा करजोला, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, पी सी मोहन, कोटा श्रीनिवास पुजारी, यदुवीर, तुकाराम, सागर खंड्रे, श्रेयस पटेल, प्रभा मल्लिकार्जुन, कुमार नाइक और राजशेखर हितनाल शामिल थे।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

Facebook


