चेन्नई, 19 जून (भाषा) श्रीलंका के सांसद रऊफ हकीम ने शुक्रवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय समझौतों के तहत कच्चातीवु की संप्रभुता का मुद्दा पहले ही हल हो चुका है और मछुआरों से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए इस मुद्दे को उठाना समझदारी भरा रवैया नहीं है।
तमिलनाडु की सद्भावना यात्रा पर आए हकीम ने कहा, “जैसे ही कोई विवाद पैदा हो, उसका समाधान कच्चातीवु के मुद्दे में ढूंढ़ना उचित रणनीति नहीं है।”
चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि द्वीप की स्थिति की दोबारा समीक्षा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र से संपर्क करना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका में से कोई भी देश अकेले अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा में बदलाव नहीं कर सकता।
तमिलनाडु के मछुआरों की लगातार गिरफ्तारी से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए क्या श्रीलंका कच्चातीवु को भारत को वापस सौंप सकता है, इस सवाल पर हकीम ने कहा कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे के आधार पर कच्चातीवु पर श्रीलंका की संप्रभुता को स्वीकार कर चुकी है।
उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय कानून से बाहर जाकर इसमें बदलाव करने का एकमात्र तरीका सैन्य कार्रवाई करके इसे अपने कब्जे में लेना होगा। हम जानते हैं कि भारत सरकार ऐसा कभी नहीं करेगी।”
हकीम ने कहा कि भारतीय नागरिकों के कच्चातीवू जाने पर कोई रोक नहीं है।
उन्होंने कहा कि वे तीर्थयात्रा के लिए खासकर सेंट एंटनी गिरजाघर जा सकते हैं।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष