मलप्पुरम, 27 अगस्त (भाषा) केरल में ओणम त्योहार के मौके पर मलप्पुरम जिले में अनुपयोगी और कबाड़ से बीनी गईं वस्तुओं से एक ‘पूक्कलम’ (रंगोली) तैयार किया गया है जिसे लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। इसे एशिया का सबसे बड़ा ‘वेस्ट-टू-आर्ट’ पूक्कलम होने का दावा किया जा रहा है।
उद्योग एवं आईटी मंत्री पी. के. कुन्हालीकुट्टी शुक्रवार शाम यहां कोट्टाक्कुन्नु में इस पूक्कलम का उद्घाटन करेंगे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इसे मलप्पुरम जिला सुचित्व मिशन और इको वर्ल्ड वेस्ट मैनेजमेंट एलएलपी ने संयुक्त रूप से तैयार किया है।
इस पूक्कलम को पुनर्चक्रित प्लास्टिक कचरे से तैयार किया गया है। यह कचरा जिले के विभिन्न हिस्सों में हरित कर्म सेना के सदस्यों द्वारा घरों से एकत्र किया गया था और छंटाई के बाद इसका इस्तेमाल किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि 1,560 वर्ग फुट में बने इस पूक्कलम को तैयार करने में 20,736 प्लास्टिक बोतलें, 13 किलोग्राम बोरे, 485 सीडी, 12 किलोग्राम एल्युमिनियम फॉयल, 138 खाद्य कंटेनर और 18 किलोग्राम प्लास्टिक कवर का इस्तेमाल किया गया है।
नौ कलाकारों द्वारा पांच दिन के परिश्रम के बाद कलाकृति को पूरा किया गया।
“हरित ओणम” की थीम पर तैयार किया गया यह पूक्कलम केरल की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इसमें कथकली और चुंदन वल्लम (सांप वाली नाव) की आकृतियां शामिल हैं, जो यह संदेश देती हैं कि उचित तरीके से प्रबंधित कचरे को उपयोगी और मूल्यवान कलाकृतियों में बदला जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का संदेश “हमारा कचरा, हमारी जिम्मेदारी” है। इसके माध्यम से लोगों से कचरा इधर-उधर न फेंकने, उसे अलग-अलग करके केवल निर्धारित कूड़ेदानों में डालने और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि कोट्टाक्कुन्नु में बनाया गया यह ‘वेस्ट-टू-आर्ट’ पूक्कलम 31 अगस्त तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।
भाषा तान्या मनीषा वैभव
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