केरल के मुख्यमंत्री ने लापता मछुआरों की तलाश में चूक के आरोपों का खंडन किया
केरल के मुख्यमंत्री ने लापता मछुआरों की तलाश में चूक के आरोपों का खंडन किया
(फाइल फोटो के साथ)
कोच्चि, नौ अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कोल्लम और तिरुवनंतपुरम जिलों में अलग-अलग नौका दुर्घटनाओं के बाद लापता हुए तीन मछुआरों की तलाश में किसी भी तरह की चूक होने के विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने आरोप लगाया था कि 31 जुलाई को कोल्लम में नींदकारा, तिरुवनंतपुरम में विड़िण्गम एवं मुथलाप्पोज़ी के पास मछुआरों के लापता होने के बाद पूर्ण तलाश अभियान शुरू करने में देरी हुई।
सतीशन ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि लापता मछुआरों का पता लगाने के लिए पिछले नौ दिनों से लगातार तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में जब 148 लोग लापता हो गए थे, तब भी इतना लंबा तलाश अभियान नहीं चलाया गया था।
सतीशन ने कहा, ‘‘अगर कोई मछुआरा समुद्र में लापता हो जाता था, तो उसके परिवार को मुआवज़ा पाने के लिए सात साल तक इंतजार करना पड़ता था। इस सरकार ने यह सब बदल दिया। अब समय बर्बाद करने की गुंजाइश नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि केंद्र सरकार की मदद से पिछले नौ दिनों से खोज अभियान चलाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘और कहां नौ दिनों तक तलाशी अभियान चलाया गया?’’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि वह तलाश अभियान को लेकर किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के एक मंत्री ने उनसे संपर्क किया था और तलाश अभियान में केंद्र की मदद के लिए उनका समर्थन मांगा था।
चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘मैंने तत्काल रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से बात की। उसी दिन दोपहर से ही तटरक्षक बल और नौसेना पूरी तरह से काम पर लग गयी थी। उनकी तलाश के लिये अभियान नौ-10 दिनों से चल रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनके परिवारों से मिलने जा रहा हूं। मेरी प्रार्थना और उम्मीद है कि वे मिल जाएं।’’
भाषा राजकुमार दिलीप
दिलीप

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