तिरुवनंतपुरम, 21 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बृहस्पतिवार को 16वीं राज्य विधानसभा के विधायक के रूप में शपथ एक बार फिर अपना पूरा नाम वदास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन पढ़ते हुए ली।
सोमवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भी उन्होंने अपना पूरा नाम लिया था, जिसके चलते सोशल मीडिया के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ कुछ कांग्रेस नेताओं ने भी जाति उपनाम ‘मेनन’ का उपयोग करने के लिए उनकी आलोचना की।
सतीशन ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मेनन उपनाम के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपने पिता का नाम लिया था और ऐसे अवसर पर ऐसा करने में उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगा।
सतीशन ने यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सवाल किया, ‘अगर मैं अपने पिता का नाम लेता हूं तो इसमें क्या गलत है? क्या मुझे उन्हें याद नहीं करना चाहिए?’
उन्होंने यह भी कहा था कि वह अपनी मां का नाम भी लेना चाहते थे, लेकिन इसकी गुंजाइश नहीं थी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के रूप में सतीशन के शपथ लेने की तुलना 2021 में विधायक के रूप में ली गई उनकी शपथ से की।
साल 2021 में विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते समय उन्होंने अपना नाम ‘वी डी सतीशन’ पढ़ा था।
बृहस्पतिवार को विधायक के रूप में शपथ लेते समय सतीशन ने फिर से अपना पूरा नाम पढ़ा।
भाषा तान्या वैभव
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