जीतने के लिए नहीं बल्कि इस वजह से चुनावी मैदान में उतरी हैं ये तीन महिलाएं, एक तो कांग्रेस की टिकट से लड़ रही चुनाव

जीतने के लिए नहीं बल्कि इस वजह से चुनावी मैदान में उतरी हैं ये तीन महिलाएं, एक तो कांग्रेस की टिकट से लड़ रही चुनाव

जीतने के लिए नहीं बल्कि इस वजह से चुनावी मैदान में उतरी हैं ये तीन महिलाएं, एक तो कांग्रेस की टिकट से लड़ रही चुनाव
Modified Date: November 29, 2022 / 08:26 pm IST
Published Date: March 28, 2021 10:30 am IST

तिरुवनंतपुरम: केरल में आगामी छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है और इस बीच तीन महिला उम्मीदवारों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है जो राज्य में राजनीति से हटकर विभिन्न कारणों से चुनाव लड़ रही हैं। उनके चुनाव अभियान भले ही अन्य लोगों की तरह जोरदार नहीं हो, लेकिन उनकी उम्मीदवारी खुद जनता के बीच बहस और चर्चा का विषय बनी हुई है।

Read More: इनामी डकैत और पुलिस के बीच मुठभेड़, 100 राउंड फायरिंग के बावजूद गैंग समेत फरार हो गया गुड्डा गुर्जर

तीन महिलाएं- कांग्रेस की पूर्व नेता लतिका सुभाष, वालयार बहनों की मां और आरएमपी के दिवंगत नेता टी पी चंद्रशेखरन की पत्नी के. के. रेमा तीन अलग-अलग कारणों से चुनाव लड़ रही है। चुनाव जीतने से ज्यादा, उनकी प्राथमिकता राजनीतिक दलों में पुरुष वर्चस्व, जानलेवा राजनीति और शोषित बेटियों के लिए त्वरित न्याय के रूप में दिखती है।

Read More: कोरोना मुद्दे पर CM निवास में आज शाम बैठक, बड़े निर्णय ले सकती है सरकार, बैठक में वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी रहेंगे मौजूद

लतिका अपनी पार्टी में पुरुष वर्चस्व और अनुचित व्यवहार का विरोध करने के लिए चुनावी मैदान में उतर गई हैं, जबकि के. के. रेमा अपनी उम्मीदवारी के माध्यम से सत्तारूढ़ माकपा की कथित जानलेवा राजनीति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखना चाहती हैं। चंद्रशेखरन की मौत के बाद रिवोल्यूशनरी मार्क्‍सवादी पार्टी (आरएमपी) की नेता रेमा का मानना है कि मार्क्‍सवादी पार्टी के कुछ नेता और कार्यकर्ता उनके पति की हत्या में शामिल हैं।

Read More: घर के बाहर टहल रहे जज को स्कॉर्पियो से कुलचने का प्रयास, बदमाशों ने रायफल के बट से पीटा, चाकू से किए वार

लतिका अपने गृह नगर कोट्टायम जिले में एतमुन्नूर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं, जबकि रेमा कोझीकोड में वडकारा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के समर्थन से चुनाव लड़ रही है। वालयार लड़कियों की मां अपनी बेटियों के लिए न्याय चाहती हैं जो पलक्कड़ जिले में एक झोपड़ी में 2017 में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटकी मिली थी।

Read More: उद्धव ठाकरे सरकार में फूट? संजय राउत ने अनिल देशमुख को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- दुर्घटनावश मिला गृह मंत्री का पद

वह धर्मधाम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही है। इस सीट से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी चुनाव मैदान में है। लतिका ने कहा कि वह अपनी जीत के बारे में पूरी तरह आश्वस्त हैं। 56 वर्षीय लतिका ने कहा कि उन्हें एक महिला होने के नाते टिकट से वंचित कर दिया गया था। वालयार लड़कियों की मां मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव मैदान में है। उनका कहना है कि वाम मोर्चा सरकार द्वारा न्याय देने से कथित तौर पर इनकार किये जाने के खिलाफ वह चुनाव लड़ रही हैं। लड़कियों की मां ने कहा, ‘‘मेरी प्राथमिकता चुनाव में सफलता या असफलता नहीं है। मेरी बेटियों को न्याय मिलना चाहिए। सभी आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि समाज मेरी लड़ाई में मेरे साथ खड़ा रहेगा।’’

Read More: जान है तो जहान है, होली तो हम अगले साल भी मना सकते हैं : मंत्री रविन्द्र चौबे, कहा- कोरोना की चैन तोड़ने प्रयास जारी

 


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"