(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 20 जनवरी (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने मंगलवार को कहा कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित नीतिगत अभिभाषण को पूरी तरह से नहीं पढ़ा और उन्होंने उसमें से कुछ अंश छोड़ दिए।
आर्लेकर द्वारा नीतिगत अभिभाषण पढ़कर सदन से चले जाने के बाद विजयन ने विधानसभा को बताया कि राज्यपाल ने दस्तावेज़ के अनुच्छेद 12 की शुरुआत और अनुच्छेद 15 के अंत को नहीं पढ़ा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने जिन अंशों को नहीं पढ़ा, उनमें से एक यह था – ‘‘इन सामाजिक और संस्थागत उपलब्धियों के बावजूद केरल को केंद्र सरकार की प्रतिकूल कार्रवाइयों की एक श्रृंखला के कारण गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है जो राजकोषीय संघवाद के संवैधानिक सिद्धांतों को कमजोर करती हैं।’’
विजयन ने कहा कि एक अन्य अंश था – ‘‘राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयक लंबे समय से लंबित पड़े हैं। मेरी सरकार ने इन मुद्दों को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख किया है, जिन्हें संविधान पीठ के पास भेज दिया गया है।’’
विजयन ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित नीतिगत अभिभाषण को आधिकारिक संस्करण के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ए एन शमसीर ने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित अभिभाषण में किसी भी भाग को हटाना या जोड़ना सदन की पूर्व परंपराओं के अनुसार आधिकारिक रूप से मान्य नहीं है और यह नियम इस बार भी लागू होगा।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा