तिरुवनंतपुरम, 12 अगस्त (भाषा) केरल की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने संकेत दिया है कि वह पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल के दौरान दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना टीम के प्रस्तावित दौरे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और प्रक्रियात्मक खामियों की जांच के आदेश दे सकती है।
राज्य के खेल मंत्री ओ. जे. जनीश ने प्रस्तावित दौरे के पक्ष में पूर्व मंत्री वी. अब्दुरहीमान के बचाव को खारिज करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि एक निजी व्यक्ति को वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया।
जनीश ने कहा कि अब्दुरहीमान के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में सरकार को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत से ही आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और प्रायोजक के चयन तथा प्रस्ताव में पारदर्शिता की कमी थी।
जनीश ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक निजी कार्यक्रम प्रबंधन कंपनी के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया। मुख्य सचिव से लेकर जिलाधिकारी, पुलिस और ग्रेटर कोचीन डेवलपमेंट अथॉरिटी तक, प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल एक निजी व्यक्ति के लिए किया गया।’’
उन्होंने इस प्रस्तावित दौरे के सिलसिले में अब्दुरहीमान द्वारा की गई स्पेन यात्रा के उद्देश्य पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस यात्रा के साथ-साथ प्रायोजक के चयन पर भी अधिक स्पष्टता की आवश्यकता है।
जनीश ने आरोप लगाया कि मामले को आधिकारिक फाइलों में लाने से पहले पूर्व मंत्री ने लगभग दो वर्षों तक अपने व्यक्तिगत ईमेल के माध्यम से निजी पक्षों के साथ संवाद किया था।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने में सरकार की कानूनी और संवैधानिक जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा कि स्पेन यात्रा सहित सरकार के लगभग 14 लाख रुपये खर्च किए गए और इसे भी नुकसान माना जाना चाहिए।
उन्होंने उन रिपोर्ट का हवाला दिया जिनमें कहा गया कि प्रायोजक की ओर से उपलब्ध कराए गए 126 करोड़ रुपये की राशि का कोई हिसाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि यह रकम आखिर कहां गई।
हालांकि, अब्दुरहीमान ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार ने एक मैत्रीपूर्ण मैच के लिए अर्जेंटीना टीम को केरल आमंत्रित करते समय सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया था।
एक विस्तृत बयान में उन्होंने कहा था कि इस प्रस्ताव के संबंध में राज्य सरकार को ‘‘एक रुपये’’ का भी नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि मैच के आयोजन को लेकर समझौता अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (एएफए) तथा प्रायोजक के बीच हुआ था और इससे सरकार पर किसी तरह की वित्तीय देनदारी नहीं बनती।
भाषा खारी धीरज
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