कोच्चि, 17 अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोमवार को कहा कि किसान राज्य की रीढ़ हैं तथा सरकार उन्हें जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में नयी नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से मदद करेगी।
सतीशन ने कोच्चि के समीप कलामास्सेरी में राज्य-स्तरीय किसान दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद कहा कि सरकार राज्य में खेती को फिर से मज़बूत करने के लिए पूरा सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार नई कृषि नीतियों और योजनाओं के ज़रिए उन किसानों के साथ खड़ी रहेगी जो जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसान दिवस का आयोजन कृषकों के प्रति राज्य के सम्मान और कृषि को एक महत्वपूर्ण पेशे के तौर पर मान्यता देने को दर्शाता है क्योंकि ये किसान ही लोगों को भोजन उपलब्ध कराते हैं।
सतीशन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन ने दुनिया भर के किसानों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर दी हैं। उन्होंने कहा कि आसमान और परछाई को देखकर मौसम का अनुमान लगाने के पारंपरिक तरीके अब भरोसे लायक नहीं रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘आज खेती का कैलेंडर भी अपनी लय से भटक गया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संकटों का सबसे पहले असर किसानों पर, खासकर सीमित संसाधनों वाले किसानों पर पड़ता है।
सतीशन ने कहा कि नई सरकार के सत्ता में आने के दो महीने के भीतर ही ऐसे कदम उठाए गए ताकि धान किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके।
उन्होंने कहा कि रबर की कीमत पहले 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये की गयी और उसे जल्द ही 300 रुपये कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान के लिए मुआवज़े की राशि में भी 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
भाषा राजकुमार नरेश
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