केरल: एफसीआरए संशोधन विवाद के बीच समाचारपत्र ने ‘‘राजनीतिक अवसरवादियों’’ पर निशाना साधा

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केरल: एफसीआरए संशोधन विवाद के बीच समाचारपत्र ने ‘‘राजनीतिक अवसरवादियों’’ पर निशाना साधा

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 06:56 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 06:56 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 11 अप्रैल (भाषा) केरल में चर्च समर्थित एक मलयालम दैनिक समाचारपत्र ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर जारी विवाद के बीच ‘‘राजनीतिक अवसरवादियों’’ की तीखी आलोचना करते हुए शनिवार को एक संपादकीय प्रकाशित किया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संपादकीय में लिखी बातों को खारिज किया, वहीं कांग्रेस ने भाजपा नेताओं की टिप्पणियों की निंदा की।

‘दीपिका डेली’ के संपादकीय में कहा गया कि कथित धमकियों और अल्पसंख्यक समुदायों की आवाज दबाने की कोशिशों के बावजूद उसका रुख नहीं बदलेगा।

समाचारपत्र में यह संपादकीय ऐसे समय में प्रकाशित हुआ है जब एक दिन पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता पी.सी. जॉर्ज और उनके बेटे शॉन जॉर्ज ने नौ अप्रैल के विधानसभा चुनाव में कुछ बिशप के कथित रुख को लेकर उनकी आलोचना की थी।

जॉर्ज और उनके बेटे क्रमशः पूंजार और पाला निर्वाचन क्षेत्रों से भाजपा-राजग के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं।

अखबार ने कहा कि आम जनता के नाम पर बनाए गए कानूनों का असर अल्पसंख्यकों पर पड़ रहा है और एफसीआरए पर चर्चा को रोकने के प्रयासों से सचेत रहने की आवश्यकता है।

संपादकीय में कहा गया, ‘‘भले ही राजनीतिक अवसरवादी एफसीआरए पर बात नहीं करने की धमकियां दें, हमारा रुख वही रहेगा।’’

इसमें यह भी कहा गया कि राजनीति को ‘‘दूषित’’ करने वालों को इस मुद्दे को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, संपादकीय में किसी का नाम नहीं लिया गया।

शॉन ने संपादकीय पर प्रतिक्रिया देते हुए अखबार की आलोचना की और कहा कि उसके विचारों को चर्च का आधिकारिक रुख नहीं माना जा सकता।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘चर्च एक ऐसी संस्था है, जिसमें मेरे जैसे व्यक्ति भी शामिल हैं। पत्रकारिता का मतलब किसी राजनीतिक दल या मोर्चे का पक्ष लेना नहीं है।’’

शॉन ने कहा कि उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और वह पहले ही चर्च प्रमुखों को अपने विचार बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।

शॉन ने यह आरोप भी लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले अखबार ने कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के पक्ष में रुख अपनाया।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए पी सी जॉर्ज ने कहा कि वे पादरियों का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर बिशप कृतघ्नता दिखाते हैं और राजनीति में शामिल होते हैं तो वे जवाब देंगे।

उन्होंने इससे पहले आरोप लगाया था कि कुछ बिशप ने चुनावों में यूडीएफ का समर्थन किया था।

इस बीच, कांग्रेस नेता वी डी सतीशन ने पिता-पुत्र की कैथोलिक चर्च और ‘दीपिका’ के खिलाफ की गई टिप्पणियों को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि यूडीएफ चर्च और अखबार के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का कड़ा विरोध करेगा।

सतीशन ने एक बयान में आरोप लगाया कि ऐसी टिप्पणियों को भाजपा नेतृत्व का समर्थन प्राप्त है, और पार्टी अपेक्षा के अनुरूप चुनावी समर्थन न मिलने का एहसास होने पर ‘‘धमकी का सहारा ले रही’’ है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईसाई समुदाय को निशाना बनाने के किसी भी प्रयास का राज्य की धर्मनिरपेक्ष ताकतों द्वारा विरोध किया जाएगा।

इस विवाद के बीच, जॉर्ज ने शनिवार को पाला स्थित बिशप हाउस का दौरा किया और अपना 100वां जन्मदिन मना रहे मार जोसेफ पल्लीकापरम्बिल से मुलाकात की।

जॉर्ज ने पत्रकारों से कहा कि वह वहां राजनीति पर चर्चा करने नहीं गए थे और चर्च से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने दोहराया कि वह पादरियों का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर बिशप राजनीति में शामिल होते हैं तो वह अपनी प्रतिक्रिया देते रहेंगे।

केरल के चर्च ने एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों पर चिंता व्यक्त की है, जिन्हें 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था।

केंद्र सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, विदेशी निधियों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और दुरुपयोग को रोकना है।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल