पथनमथिट्टा (केरल), 15 अप्रैल (भाषा) भगवान अय्यप्पा का पवित्र आभूषण बुधवार को यहां पंडालम स्थित वलियाकोइक्कल श्री धर्म सस्था मंदिर में गुम हो गया, लेकिन कुछ ही घंटे के भीतर मिल गया। यह जानकारी पुलिस ने दी।
वलियाकोइक्कल मंदिर पंडालम शाही परिवार का पारिवारिक मंदिर है, जो शबरिमला भगवान अयप्पा के तिरुवभरणम (पवित्र सोने के आभूषण) को संरक्षित करता है।
शबरिमला तीर्थयात्रा के दौरान देवता को सुशोभित करने के लिए आभूषणों को महल से बाहर निकाला जाता है और विशु के दिन वलियाकोइक्कल मंदिर में पूजा के लिए भी इनका उपयोग किया जाता है।
पूजा-अर्चना के दौरान, श्रद्धालुओं को मंदिर में कुछ पल के लिए कनिपोन्नू (सिक्के जैसा आभूषण) को पकड़ने की अनुमति होती है।
पंडालम पुलिस थाने के अधिकारियों के अनुसार, मंदिर प्रशासन ने पूजा-अर्चना के बाद कनिपोन्नू के गुम होने की सूचना दी।
पुलिस ने बताया कि तुरंत जांच शुरू की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया, जिससे पता चला कि एक व्यक्ति ने कनिपोन्नू को पकड़ा था और बाद में उसे अपनी जेब में रख लिया था। पुलिस ने बताया कि उस व्यक्ति की जल्द ही पहचान कर ली गई और पुलिस ने उससे संपर्क किया।
पुलिस ने बताया कि मुलाकुझा निवासी उस व्यक्ति को पूजा-अर्चना की जानकारी नहीं थी और उसने सोचा था कि कनिपोन्नू विशु पर दिए जाने वाले पारंपरिक उपहार के रूप में दिया गया था।
पुलिस ने बताया कि गायब कनिपोन्नू बरामद करके मंदिर प्रशासन को सौंप दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालु का बयान दर्ज किया जाएगा और आगे की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि आभूषण को घर ले जाने के पीछे कोई गलत इरादा था या नहीं।
भाषा अमित मनीषा
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