तिरुवनंतपुरम, चार अगस्त (भाषा) पानी में सुरक्षित रहने का प्रशिक्षण देने वाले एक तैराकी प्रशिक्षक ने एक अन्य व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
तैराकी प्रशिक्षक ने एक अगस्त को कन्नूर जिले के मीनथुल्ली द्वीप के पास उफनती करियांगोड नदी से बचाए गए एक व्यक्ति को अपनी ‘लाइफ जैकेट’ दे दी। यह फैसला अंततः उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।
विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम निवासी आर राजेश के इस आत्मबलिदान का उल्लेख एक फेसबुक पोस्ट में किया और इस घटना को ‘अत्यंत पीड़ादायक’ बताया।
विजयन के अनुसार, बाढ़ के पानी में बह गए स्थानीय निवासी 61 वर्षीय बेनी को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाने के दौरान राजेश उफनती करियांगोड नदी की तेज धारा में फंस गए। गहन तलाश अभियान के बाद मंगलवार दोपहर उनका शव बरामद किया गया।
विपक्ष के नेता विजयन ने कहा कि सुरक्षित लौटने के दौरान बेनी का सुरक्षित रहना सुनिश्चित करने के लिए राजेश ने उन्हें अपनी ‘लाइफ जैकेट’ दे दी थी। हालांकि, वापस तैरते समय राजेश की पकड़ सुरक्षा रस्सी से छूट गई और वह पानी की तेज धारा में बह गए।
विजयन ने कहा कि तलाश अभियान का अंत राजेश का शव मिलने के साथ एक त्रासदी के रूप में हुआ। उन्होंने कहा, ‘दूसरे व्यक्ति को बचाने के लिए अपनी ‘लाइफ जैकेट’ देने वाले इस युवा ने बलिदान और मानवता के प्रति प्रेम की अमिट मिसाल छोड़ी है। बचाव अभियान में अपनी जान जोखिम में डालने वाले राजेश का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।’
उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
भाषा अमित देवेंद्र
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