गुजरात और उत्तर भारत के लोगों पर खरगे की टिप्पणी : भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की

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गुजरात और उत्तर भारत के लोगों पर खरगे की टिप्पणी : भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 09:26 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 09:26 PM IST

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को केरल में आयोजित चुनावी जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा की गई टिप्पणियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि विपक्षी दल ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति में संलिप्त है और गुजरात और उत्तर भारत के लोगों का अपमान कर रहा है।

खरगे ने केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के तहत इडुक्की जिले में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के लोग ‘शिक्षित और चतुर’ हैं और उन्हें गुजरात और कुछ अन्य स्थानों के लोगों के उलट गुमराह नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘केरल के लोगों को गुमराह मत कीजिए। वे बहुत समझदार और शिक्षित हैं। मोदी जी, विजय (मुख्यमंत्री पिनराई विजयन), आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के निरक्षरों को मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते।’’

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि खरगे ने गुजरात और उत्तर भारत के लोगों के खिलाफ ‘‘चौंकाने वाली टिप्पणियां’’ की हैं, जो पार्टी की ‘‘बांटो और राज करो’’ की मानसिकता को दर्शाती हैं।

पूनावाला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर गुजरात और उत्तर भारत के लोगों के खिलाफ चौंकाने वाली टिप्पणी की है। यह कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की नीति को दर्शाता है। उन्होंने गुजरात और उत्तर प्रदेश के लोगों को सिर्फ इसलिए गाली दी क्योंकि वे कांग्रेस को वोट नहीं देते। जब कांग्रेस चुनाव हारती है, तो वह लोगों को गाली देती है।’’

उन्होंने सवाल किया कि क्या गुजरात में कांग्रेस के नेता और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद)के तेजस्वी यादव जैसे विपक्षी नेता ऐसी टिप्पणियों का समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या गुजरात कांग्रेस इससे सहमत है? क्या अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव इससे सहमत हैं? यह पहली बार नहीं है। डीके सुरेश जैसे कांग्रेस नेताओं ने उत्तर और दक्षिण भारत के विभाजन का आह्वान किया है। उन्होंने उत्तर भारतीयों और उत्तर में रहने वाले अन्य लोगों का अपमान किया है।’’

पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का विभाजनकारी बयान देने का पुराना इतिहास है। उन्होंने विपक्षी नेताओं की पिछली टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन पर क्षेत्रीय विभाजन पैदा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

भाजपा के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पंजाब में उनके मुख्यमंत्री ने एक बार उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को ‘भैया’ कहकर संबोधित किया था। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक)नेता नियमित रूप से उत्तर भारत के लोगों का अपमान करते हैं। यह कैसी मानसिकता है? इससे पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ लोगों को बांटना चाहती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ पहले उन्होंने (कांग्रेस ने) धार्मिक आधार पर बांटा, फिर भाषा के आधार पर, और अब राज्यों के आधार पर। वे हमेशा भारत को बांटने और उन्हें वोट न देने वालों का अपमान करने की कोशिश करते हैं।’’

भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए दोहराया कि मुख्य विपक्षी पार्टी ‘‘बांटो और राज करो’’ की नीति का पालन करती है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर खरगे के भाषण का वीडियो साझा करते हुए पोस्ट किया, ‘‘ ए. ओ. ह्यूम द्वारा स्थापित कांग्रेस, विभाजनकारी राजनीति का अभ्यास करना जारी रखती है और ‘एक भारतीय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने’ में रुचि रखती है।’’

भंडारी ने लिखा, ‘‘अंग्रेज ए. ओ. ह्यूम द्वारा स्थापित कांग्रेस पार्टी, स्वतंत्रता से पहले अंग्रेजों की तरह ही ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाती है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि भारत की जनता ने इस विभाजनकारी कांग्रेस को नकार दिया है, जिसके वैचारिक मार्गदर्शक ‘अर्बन नक्सल’ जैसे लोग हैं और जो एक भारतीय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करना चाहती है। कांग्रेस भारत की एकता के खिलाफ है।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश