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MP Gehun Kharidi: भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर प्रकार से कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर घड़ी किसानों के साथ खड़ी है और तय समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ की जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, जिसमें पहले छोटे किसानों की उपज खरीदी जाएगी, इसके बाद मध्यम और बड़े किसानों से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। स्लॉट बुकिंग के आधार पर सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध तरीके से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह से सजग है। गेहूं उपार्जन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए राज्य सरकार केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर और बारदाना प्रदाय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जिससे व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सके। इसके साथ ही उन्होंने तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले निरीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के ढांचे को समय के अनुसार आधुनिक बनाया जाएगा और इन्हें वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए बिजली, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, छाया, प्रसाधन और पार्किंग जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि खरीदे गए गेहूं का भुगतान कम से कम समय में किसानों के खातों में किया जाए और किसी भी केंद्र पर लंबी कतारें न लगें।
अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से तथा अन्य संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। जिन संभागों में 10 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी है, वहां 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। इस वर्ष उपार्जन के लिए 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने पंजीयन कराया है, जबकि कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, साथ ही किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का अनुमान है, जिसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदान की आवश्यकता होगी। इस जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है और केन्द्र सरकार से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय तथा अन्य एजेंसियों के माध्यम से बारदाना आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है, ताकि उपार्जन कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, राज्यमंत्री लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।