अहमदाबाद, 12 जनवरी (भाषा) गुजरात के साबरमती तट पर सोमवार को आसमान रंग बिरंगी पतंगों से छा गया, जिनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखी, हनुमान और उनकी गदा की आकृति वाली और तिरंगा पतंगें शामिल थीं।
इस अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने किया।
साबरमती नदी के तट पर पतंगबाजी का मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जहां मोदी और मर्ज ने महिला कारीगरों से बातचीत की और पतंग बनाने की प्रक्रिया को समझा।
महोत्सव के उद्घाटन के बाद, दोनों नेताओं ने एक खुली गाड़ी में मैदान का भ्रमण किया और पतंगबाजी में हाथ आजमाया।
आसमान में कलाबाजी कर रहीं कुछ पतंगों पर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ लिखा था, कुछ पर ‘इंडिया’ लिखा था। वहीं, कुछ की डोर पर प्रधानमंत्री के लिए लिखे प्रेम संदेश थे।
एक शानदार दृश्य उस वक्त देखने को मिला, जब दोनों नेता एक साथ खड़े थे और नदी से आती हवा के बीच अपनी पतंगों को स्थिर रखने के लिए डोर खींचते नजर आए।
आसमान में जब पंतगबाज एक दूसरे की पतंगों से पेच लड़ा रहे थे, तब जमीन पर एक मधुर संगीत बजाया रहा था। 108 संगीतकारों के एक समूह ने जर्मन प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और सितार, बांसुरी और तबला जैसे भारतीय वाद्ययंत्रों का उपयोग करते हुए पारंपरिक जर्मन धुन बजाई।
विविध और आकर्षक विषयों पर आधारित पतंगों के जीवंत प्रदर्शन में हनुमान, तिरंगा, कमल के आकार की पतंगें शामिल थीं। कुछ पतंगों पर ‘गुजरात आईकेएफ2026,’ ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी,’ ‘आत्मनिर्भर भारत,’ और ‘आई लव मोदी’ जैसे संदेश अंकित थे।
इस आयोजन में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों और भारत के 13 राज्यों के 65 पतंगबाजों ने भाग लिया। गुजरात के 16 जिलों से कुल 871 पतंगबाज भी इसमें शामिल हुए।
आयोजन में शिरकत करने आए ओडिशा के प्रभात कुमार पुष्टि ने कहा, ‘मैं पिछले आठ वर्षों से पतंग महोत्सव में भाग ले रहा हूं। इस वर्ष का उत्सव सबसे अच्छा है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।’
उन्होंने कहा, ‘मैं भाग्यशाली हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज जर्मन चांसलर के साथ मेरी पतंग को उड़ाया।’
महोत्सव में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन, इटली, जापान, श्रीलंका और तुर्किये सहित विभिन्न देशों के पतंग उड़ाने वाले प्रतिभागियों ने भाग लिया।
भाषा नोमान सुभाष
सुभाष