ओम बिरला संविधान को पूरी तरह समर्पित बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष : प्रधानमंत्री मोदी

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ओम बिरला संविधान को पूरी तरह समर्पित बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष : प्रधानमंत्री मोदी

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 07:04 PM IST

जयपुर, सात मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रशंसा करते हुए शनिवार को कहा कि वह(बिरला) संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं और संसदीय प्रणालियों के प्रति पूरी तरह निष्ठा रखते हैं।

मोदी ने कोटा के नए हवाई अड्डे के शिलान्यास समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए यह बात कही।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कोटा के सांसद बिरला की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

उन्होंने कहा, ”ओम बिरला जी, जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष भी हैं। वे संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं, वे संसदीय प्रणालियों के प्रति पूरी तरह निष्ठा रखते हैं।”

मोदी ने कहा,” बिरला आज किसी पक्ष के सदस्य नहीं हैं, वो पक्ष, प्रतिपक्ष से पूरी तरह ऊपर हैं, और मैं जब उनको सदन में देखता हूं तब मुझे विचार आता है कि शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वह लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर भी एक अच्छे मुखिया की तरह, सबको साथ लेकर के चलने की भूमिका में रहते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिरला सदन के सभी सांसदों को अच्छे से संभाल लेते हैं, उनकी भावनाओं को, उनके आग्रहों का बहुत ही आदर करते हैं।

मोदी ने कहा, ”बिरला ऐसे लोकसभा अध्यक्ष हैं जो सांसदों का सर्वाधिक सम्मान करने का स्वभाव रखते हैं।”

बिना किसी का नाम लिए प्रधानमंत्री ने कहा,”… और कभी-कभी कुछ बड़े घरानों के अहंकारी-उत्पाती अगर कोई छात्र आ भी जाते हैं, वो अपना हुड़दंग करने की आदत तो छोड़ते नहीं हैं तो भी बिरला सदन के मुखिया की तरह सबको संभालते हैं।’

मोदी ने कहा,” वह (बिरला) किसी को भी अपमानित नहीं करते हैं, सबके कड़वे बोल भी झेल लेते हैं, और आपने देखा होगा कि हर बार वह मुस्कुराते हैं, एक मीठी हंसी उनके चेहरे पर हमेशा रहती है। शायद वह भी एक कारण है कि सदन में वह सर्वप्रिय हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिरला की हमेशा यही कोशिश रही है कि कोटा के लोगों का जीवन बेहतर बने, उन्हें नए अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि बिरला के प्रयासों के कारण ही कोटा और इस पूरे क्षेत्र के विकास को नयी गति मिल रही है।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत