केरल में यात्रियों को कोविड-19 का जाली प्रमाण पत्र जारी करने पर प्रयोगशाला का प्रबंधक गिरफ्तार

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केरल में यात्रियों को कोविड-19 का जाली प्रमाण पत्र जारी करने पर प्रयोगशाला का प्रबंधक गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 29, 2020 / 01:47 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 09:01 PM IST

मलप्पुरम, 29 सितंबर (भाषा) केरल में एक निजी प्रयोगशाला ने पश्चिम एशिया जाने वाले लोगों के नमूनों की कोरोना वायरस की जांच किए बिना उन्हें कथित रूप से संक्रमित नहीं होने का ‘जाली’ प्रमाण जारी कर धोखाधड़ी की है जिसके लिए प्रयोगशाला के प्रबंधक को मंगलवार को गिरफ्तार कर किया गया है।

पुलिस ने बताया कि यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब मलप्पुरम जिले के वलनचेरी की अर्मा लैब द्वारा जारी कोविड-19 से संक्रमित नहीं होने का प्रमाण पत्र लेकर सऊदी अरब पहुंचे कई लोग वहां जांच होने पर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए।

अर्मा लैब, कोझीकोड स्थित प्रतिष्ठित प्रयोगशाला की एक फ्रैंचाइज़ी है। कोझीकोड की प्रयोगशाला को आईसीएमआर ने कोविड-19 के नमूनों की जांच करने का लाइसेंस दिया है।

पुलिस ने बताया कि अर्मा लैब ने कोझीकोड स्थित प्रयोगशाला के ‘जाली’ लैटरहेड का इस्तेमाल कर करीब दो हजार लोगों को संक्रमित नहीं होने का प्रमाण पत्र जारी कर उनके साथ कथित रूप से धोखाधड़ी की है।

प्रयोगशालाओं के बीच हुए करार के मुताबिक, वलनचेरी स्थित अर्मा लैब को सिर्फ नमूने एकत्रित करने थे और इन नमूनों को जांच के लिए कोझीकोड स्थित प्रयोगशाला भेजना था जो कोविड-19 प्रमाण पत्र देने के लिए अधिकृत है।

पुलिस ने बताया कि अर्मा लैब के अधिकारियों ने पिछले कुछ महीनों में कथित रूप से 2500 नमूने एकत्रित किए और सभी नमूनों को कोझीकोड स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए नहीं भेजा, बल्कि जांच के लिए सिर्फ 500 नमूने भेजे गए।

पुलिस ने बताया कि करीब दो हजार लोगों को कोविड-19 से संक्रमित नहीं होने का जाली प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि अर्मा लैब के अधिकारियों ने कोझीकोड स्थित लैब का ‘जाली’ लैटरहेड बनाया और कोविड-19 प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

पुलिस ने बताया कि अर्मा लैब ने हर जांच के लिए कथित रूप से 2750 रुपये लिए और 40-45 लाख रुपये कमाए।

पुलिस ने बताया कि कई अनिवासी भारतीय अर्मा लैब द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रमाण पत्र के आधार पर सऊदी अरब चले गए और वहां जांच होने पर संक्रमित पाए गए।

इसके बाद सऊदी अरब ने कोझीकोड स्थित प्रयोगशाला का कोविड-19 संबंधित प्रमाण प्राप्त करने वाले लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी।

लैब पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाली, एक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की और अर्मा लैब के प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया।

वलनचेरी थाने के उपनिरीक्षक मुरलीकृष्णन ने बताया कि आरोपी को एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अर्मा लैब का मालिक कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है और पृथक-वास में है। बताया जाता है कि उसने अग्रिम जमानत के लिए केरल उच्च न्यायालय का रुख किया है।

भाषा

नोमान शाहिद

शाहिद