लेह, सात अक्टूबर (भाषा)लद्दाख को राज्य का दर्जा और क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन से लेह में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और पर्यटन क्षेत्र का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है जिसके मद्देनजर पर्यटन हितधारकों ने संकट से उबारने में मदद के लिए अतिरिक्त वित्तीय राहत मुहैया कराने की मांग की है।
होटल व्यवसायियों, टूर ऑपरेटरों और यातायाता मुहैया कराने वालों ने कहा कि अशांति और पहले से ही कमजोर पर्यटन सत्र के कारण स्थानीय व्यवसायों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके लिए विशेष उपायों के माध्यम से तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है, जैसे कि ऋण स्थगन अवधि पर ब्याज में छूट और व्यापक ऋण पुनर्गठन।
यह मांग अखिल लद्दाख होटल एवं गेस्ट हाउस एसोसिएशन, अखिल लद्दाख टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन, लेह कोऑपरेटिव टैक्सी लिमिटेड, टेम्पो और बाइकर यूनियन द्वारा संयुक्त रूप से केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति (यूटीएलबीसी) के अध्यक्ष को संबोधित एक पत्र में उठाई गई।
लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा जैसी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन के बाद 24 सितंबर को लेह में हिंसक झड़पें हुईं थी जिनमें चार लोगों की मौ हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को इलाके में कर्फ्यू लगाना पड़ा था।
भाषा धीरज रंजन
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