जम्मू, 26 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पर्यावरण मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा है कि संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता है।
उन्होंने प्रशासन को पुंछ जिले के लिए व्यापक दीर्घकालिक आपदा शमन योजना तैयार करने का निर्देश दिया, जहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में 18 लोगों की मौत हुई है।
जनजातीय मामलों के मंत्री राणा ने मौके पर स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को भूस्खलन और बाढ़ संभावित सभी स्थानों की पहचान करने तथा जनजीवन, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए स्थायी सुरक्षात्मक उपाय तैयार करने के निर्देश दिए।
जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री राणा ने कहा कि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने और संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियों को मजबूत करने के लिए टिकाऊ आपदा शमन रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
राणा पिछले कई दिनों से अपने गृह जिले पुंछ में डेरा डाले हुए हैं और बचाव, राहत तथा पुनर्बहाली कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने संबंधित विभागों को क्षतिग्रस्त सड़कों, पेयजल योजनाओं, बिजली ढांचे और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं को युद्धस्तर पर बहाल करने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित लोगों की परेशानियां कम की जा सकें।
मंत्री ने कहा कि सामान्य स्थिति पूरी तरह बहाल होने तक सरकार हालात पर लगातार नजर रखेगी। प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए मंत्री ने उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
राणा ने कहा, ‘‘सरकार इस त्रासदी से प्रभावित प्रत्येक परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। इस कठिन समय में हम आपके साथ रहेंगे और तत्काल राहत, पुनर्वास सहायता तथा मुआवजा सहित समय पर हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि आप अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला सकें।’’
भाषा रवि कांत रवि कांत सुभाष
सुभाष