(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष बढ़ने के बाद गहराए एलपीजी संकट के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी के रेस्तराओं में अब बड़े कॉरपोरेट समारोहों और सामूहिक पार्टियों का आयोजन कम हो गया है। इतना ही नहीं एलपीजी आपूर्ति संकट के कारण रेस्तरां अपने मेन्यू और बुकिंग में कटौती भी कर रहे हैं।
कनॉट प्लेस के रेस्तरां मालिकों का कहना है कि बड़े समारोहों के लिए खाना बनाने में काफी गैस की खपत होती है, जिसकी वजह से कई प्रतिष्ठानों ने अस्थायी रूप से बड़ी पार्टियों की बुकिंग रोक दी है और नियमित ग्राहकों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
कनॉट प्लेस, शहर के उन सबसे व्यस्त स्थानों में शामिल हैं, जहां बड़े से लेकर सभी प्रकार के भोजनालय हैं।
‘फ्लेवर्स ऑफ चाइना’ नाम के रेस्तरां की मालिक परमजीत कौर ने बताया कि एलपीजी की खपत को नियंत्रित करने के लिए रेस्तरां ने कुछ व्यंजनों में कटौती की है और सामूहिक बुकिंग सीमित कर दी है।
उन्होंने कहा, “हमें स्थिति से निपटने के लिए कुछ बदलाव करने पड़े हैं। उदाहरण के लिए, हम फिलहाल ‘सिजलर’ नहीं परोस रहे हैं क्योंकि इसके लिए लगातार और तेज आंच की आवश्यकता होती है। हमने अपने मेन्यू में भी कटौती की है और केवल उन बुनियादी व्यंजनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिन्हें कम गैस खपत के साथ तैयार किया जा सकता है।”
कौर ने बताया कि ईंधन बचाने के लिए रेस्तरां ने अस्थायी रूप से बड़े आयोजनों को बंद कर दिया है।
ग्रेटर कैलाश स्थित ‘अमलतास’ रेस्टोरेंट के प्रबंधक ने बताया कि मौजूदा हालात में उनका रेस्तरां भी बड़ी बुकिंग स्वीकार करने में सावधानी बरत रहा है।
उन्होंने कहा, “एलपीजी की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता की वजह से हम बड़ी बुकिंग या कॉरपोरेट समारोह स्वीकार करने में सावधानी बरत रहे हैं। बड़ी पार्टियों के लिए खाना बनाने में लगातार गैस का इस्तेमाल होता है, इसलिए फिलहाल हम नियमित ग्राहकों और छोटी पार्टियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।”
कनॉट प्लेस स्थित मीनार रेस्टोरेंट के मालिक इंदर ने बताया कि एलपीजी आपूर्ति की स्थिति स्थिर होने तक उनके रेस्तरां ने भी बड़े आयोजनों से बचने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, “फिलहाल हम कॉरपोरेट समारोह या बड़े आयोजन नहीं कर रहे हैं क्योंकि ऐसे आयोजनों के लिए ज्यादा खाना बनाना पड़ता है, जिसका मतलब है एलपीजी की ज्यादा खपत। आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता को देखते हुए बड़ी बुकिंग की योजना बनाना मुश्किल हो जाता है।”
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव और सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान की आशंकाओं के मद्देनजर देश के कई हिस्सों में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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