वेब डेस्क। तथाकथित पप्पू सत्ता से दूर रहकर भी अपनी जगह पुख्ता करने में कामयाब रहे वहीं पेटेंट प्राप्त गप्पू सरकारी मशीनरी का बेतहाशा दुरूपयोग करने के बाद भी आज हिचकोले खा रहे है। यह उन कई ट्विटस में एक है जो तेजस्वी यादव ने अपने ट्विटर हैंडल पर डाले हैं। अब पप्पू का उपयोग शायद वे उनके लिए कर रहे हो जिनको पप्पू कहने पर गुजरात में रोक लगी हुई लेकिन गप्पू और सरकारी मशीनरी का बेतहाशा उपयोग से उनका इशारा किस ओर है यह तो आप समझ ही गए होंगे।
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बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी कुमार यादव 16 नवंबर को ट्विटर पर हमलावर नजर आए। उन्होंने लगातार कई ट्विटस किए जिनमें पप्पू का महिमामंडन किया गया था तो गप्पू को नीचा दिखाया गया। उन्होंने अपने दूसरे ट्विट में लिखा पप्पू अपने स्वाभाविक गुणों से लोकप्रियता के नए आयाम छू रहे है वहीं झूठे सपनों के सौदागर गप्पू का ग्राफ हजारों करोड़ रू आईटी सेल पर खर्च करने के बाद भी नाकामी के साथ नीचे गिर रहा है।
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तथाकथित पप्पू सता से दूर रहकर भी अपनी जगह पुख़्ता करने में कामयाब रहे वहीं पेटेंट प्राप्त ‘गप्पू’ सरकारी मशीनरी का बेतहाशा दुरुपयोग करने के बाद भी आज हिचकोले खा रहे है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 16, 2017
तेजस्वी ने ठीक इसके बाद एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा समर्थित संस्थानों में भक्तों से प्रोपगेंडा उगलावा अस्थायी सस्ती प्रसिद्धि तो हासिल की जा सकती है, पर समय की कसौटी पर जांचने से बनावटी रंग उतर ही जाता है, जिस तरह गुजरात माॅडल और अच्छे दिन की लगातार कलाई खुल रही है।
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पप्पू अपने स्वाभाविक गुणों से लोकप्रियता के नए आयाम छू रहे है वहीं झूठे सपनों के सौदागर ‘गप्पू’ का ग्राफ़ हज़ारों करोड़ रू IT सेल पर ख़र्च करने के बाद भी नाकामी के साथ नीचे गिर रहा है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 16, 2017
वैसे तेजस्वी के इस हमलावर अंदाज के पीछे की वजह उनका अगला ट्विट है जो उन्होंने आज किया उन्होंने आज राहुल गांधी के साथ लंच करते हुए एक तस्वीर शेयर की जिसमें वे दोनों दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में इतमिनान से लंच करते नजर आ रहे है। तेजस्वी ने आॅफिस @OfficeOfRG को टेग करते हुए उन्होंने लिख अपने टाइट शेड्यूल से समय निकालकर मेरे साथ लंच करने के लिए धन्यवाद
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समर्थित संस्थानों में भक्तों से प्रोपगेंडा उगलवा अस्थायी सस्ती प्रसिद्धि तो हासिल की जा सकती है, पर समय की कसौटी पर जाँचने से बनावटी रंग उतर ही जाता है, जिस तरह “गुजरात मॉडल” और “अच्छे दिन” की लगातार कलई खुल रही है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 16, 2017
इस भविष्य के नेताओं की इस मीटिंग से साफ है कि आना वाला समय भाजपा और उनसे सहयोगियों के लिए मुश्किल होने वाला है।
वेब डेस्क, IBC24