मप्र : 2014 के सांप्रदायिक हिंसा मामले में 40 लोगों को सात-सात साल का सश्रम कारावास

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मप्र : 2014 के सांप्रदायिक हिंसा मामले में 40 लोगों को सात-सात साल का सश्रम कारावास

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  • Publish Date - December 21, 2022 / 03:12 PM IST,
    Updated On - December 21, 2022 / 03:12 PM IST

खंडवा, 21 दिसंबर (भाषा) मध्य प्रदेश की एक अदालत ने 2014 में खंडवा में हुए सांप्रदायिक हिंसा के एक मामले में पथराव में शामिल 40 लोगों को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता अभय दुबे ने बताया कि तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश खंडवा की अदालत ने इस मामले में 40 आरोपीयों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307, 188, 148, 149, 127, 171 और 332 के तहत दोषी करार देते हुए मंगलवार को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 6,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

उन्होंने कहा कि मामले में कुल 47 आरोपी थे, जिनमें से दो को बरी कर दिया गया है, जबकि एक आरोपी की पूर्व में मौत हो चुकी है। बाकी आरोपी बाल अपचारी हैं।

दुबे ने बताया कि 30 जुलाई 2014 को खंडवा शहर के इमलीपुरा क्षेत्र में सुशील कुमार नाम के एक व्यक्ति की हत्या के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। जगह-जगह पथराव की घटना होने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा-144 लागू की थी और शहर में कर्फ्यू घोषित किया था।

दुबे ने बताया कि एक अगस्त 2014 को खंडवा के घासपुर इलाके में निषेधाज्ञा लागू करने की कोशिश कर रही पुलिस टीम पर पत्थरों और धारदार हथियारों से हमला किया गया था, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे।

भाषा

सं रावतरावत रावत पारुल

पारुल