बेंगलुरु, 17 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि हनूर वाइल्डलाइफ रेंज में हुई गोलीबारी में तीन संदिग्ध शिकारियों की मौत की परिस्थितियों के मामले में मजिस्ट्रेट जांच चल रही है।
रेड्डी ने कहा कि अगर वन विभाग के लोगों ने गलत काम किया है तो सरकार उनके खिलाफ ‘सख्त कार्रवाई’ करेगी।
फिलहाल, मामले की न्यायिक जांच की मांग को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो जांच पूरी होने और मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के साथ बातचीत के बाद ही आगे की जांच पर विचार किया जाएगा।
इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक के नेतृत्व में विपक्षी भाजपा और जेडीएस ने घटना की न्यायिक जांच, हर मृतक के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा और घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेड्डी के इस्तीफे की मांग की। राज्य के वन मंत्री ने सदन में घटना पर बयान देते हुए बताया कि यह घटना 15 अगस्त की सुबह, गांवों की सीमा से 5-8 किलोमीटर अंदर जंगल में हुई।
उन्होंने कहा कि कथित शिकारी, जो चट्टानों और झाड़ियों के पीछे छिपे थे, उनके पास देसी पिस्तौलें थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्होंने आत्मसमर्पण करने की चेतावनी के बावजूद हमला करने की कोशिश की तो वन विभाग के कर्मचारियों ने खुद के बचाव और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उन्हें काबू में करने के मकसद से जवाबी गोलीबारी की।’’
रेड्डी ने कहा, ‘‘कर्मचारियों ने यह कार्रवाई किसी गलत इरादे से नहीं की।’’
मंत्री ने कहा कि घटना में मरने वालों की पहचान एंटनी स्वामी (50), जॉन रोज़ पीटर (42) और कुमार (33) के रूप में हुई है। वे अलग-अलग गांवों के थे।
उन्होंने कहा कि मौके से भागे एक और आरोपी की पहचान 45 साल के महिमादास के तौर पर हुई है।
भाषा वैभव नरेश
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