महाराष्ट्र सरकार जाति प्रमाणपत्र के लिए पात्र मराठा सदस्यों की संख्या कम करना चाहती है : जरांगे

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महाराष्ट्र सरकार जाति प्रमाणपत्र के लिए पात्र मराठा सदस्यों की संख्या कम करना चाहती है : जरांगे

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 08:46 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 08:46 PM IST

छत्रपति संभाजीनगर, 17 अगस्त (भाषा) आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार पात्र मराठा समुदाय के सदस्यों को जारी किए जाने वाले कुनबी जाति प्रमाणपत्रों की संख्या कम करना चाहती है। उन्होंने मांग की कि 58 लाख रिकॉर्ड के आंकड़ों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किए जाएं।

जरांगे ने मराठा समुदाय से अपनी मांगों को लेकर आक्रामक रुख अपनाने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘समुदाय को किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति के दबाव में नहीं आना चाहिए।’’

विरोध प्रदर्शन के अपने आह्वान को दोहराते हुए जरांगे ने कहा कि वह 20 से 25 अगस्त तक मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों का दौरा करेंगे। उन्होंने पात्र मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटा की मांग को लेकर 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की घोषणा की थी।

जरांगे ने छत्रपति संभाजीनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह आंदोलन मराठा समुदाय की लंबित मांगों को लेकर होगा। सरकार को 58 लाख रिकॉर्ड के आधार पर सभी प्रमाणपत्र जारी करने चाहिए। सरकार 58 लाख के इस आंकड़े को कम करना चाहती है, लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।’’

उन्होंने मांग की कि अब तक जारी किए गए कुनबी जाति प्रमाण-पत्रों को मान्य किया जाए।

जरांगे की अन्य मांगों में सातारा, कोल्हापुर, औंध और बॉम्बे गजट के संबंध में आदेश जारी करना, मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना और 29 अगस्त से पहले एसईबीसी (सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग) तथा ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग) कोटे के तहत चयनित उम्मीदवारों को सरकारी नियुक्तियां देने की प्रक्रिया पूरी करना शामिल है।

जरांगे ने कहा, ‘‘सरकार को लंबित बकाया राशि जारी करनी चाहिए और मराठा आरक्षण के लिए अपनी जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। अन्नासाहेब पाटील महामंडल के जरिए मिलने वाली प्रतिपूर्ति और छात्रों की छात्रवृत्ति का भुगतान 29 अगस्त तक कर दिया जाना चाहिए।’’

जरांगे ने मांग की कि ‘सारथी’ के जरिए बंद की गई योजनाओं को फिर से शुरू किया जाए और उनके लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाए।

छत्रपति शाहू महाराज अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं मानव विकास संस्थान(सारथी) राज्य सरकार का एक स्वायत्त संस्थान है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप