Vande Bharat/Image Credit: IBC24.In
Vande Bharat: मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बयान ने तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से की, तो पूरा महाराष्ट्र भड़क उठा..सियासी बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए। बीजेपी और शिवसेना ने इसे मराठा अस्मिता पर हमला बताया, तो (Vande Bharat) पुणे से बुलढाणा तक विरोध प्रदर्शन पोस्टर दहन और FIR तक दर्ज हो गई।
ये बयान महाराष्ट्र में चिंगारी तरह उठा और एक के बाद एक सियासी आग भढ़कती चली गई। पुणे में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। नारेबाजी हुई पोस्टर जलाए गए और सपकाल के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया। महाराष्ट्र के सीएम देवेंदे फडणवीस भी मैदान में उतर आए।
Vande Bharat: हर्षवर्धन सपकाल के बयान ने सियासी तूफान ला दिया..सत्ता में बैठी बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष को पागल बताते हुए इसे शिवाजी महाराज का अपमान बताया, तो कांग्रेस के साथ खड़ी शिवसेना उद्धव गुट के नेताओं ने भी हर्षवर्धन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज की तुलना किसी से भी (Vande Bharat) नहीं की जा सकती।
वहीं कांग्रेसे के नेता महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष सपकाल का बचाव करते हुए नजर आए। कांग्रेस ने पूछा की टीपू सुल्तान ने वो किया है, जो एक आदर्श है किसी को उनसे क्या समस्या हो सकती है।
दरअसल, 14 फरवरी को मालेगांव नगर निगम के डिप्टी मेयर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की (Vande Bharat) तस्वीर हटाने के विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में सपकाल ने ये बयान दिया था। अब जब इसे लेकर बवाल खड़ा हुआ..तो उन्होंने अपनी सफाई भी दी।
Vande Bharat: एक ओर मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज तो दूसरी ओर मैसूर के शासक टीपू सुल्तान दोनों इतिहास के अहम किरदार लेकिन तुलना का सवाल महाराष्ट्र की राजनीति में हमेशा संवेदनशील रहा है। अब सवाल यही है कि क्या ये सिर्फ एक बयान था या फिर महाराष्ट्र में पहचान और इतिहास की राजनीति (Vande Bharat) का नया अध्याय ? शिवाजी बनाम टीपू की बहस,अब सड़क से लेकर सदन तक गूंजने लगी है।
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