Malviya Nagar Fire Latest Update | Photo Credit: AI
नई दिल्ली: Malviya Nagar Fire Latest Update कभी कभी कुछ ऐसे हादसे सामने आते हैं, जो सिर्फ लोगों की जान नहीं लेते। बल्कि पूरे परिवार की खुशियां, सपने और परिवारों की कहानियां खत्म कर देते हैं। ऐसी ही एक घटना राजधानी दिल्ली में घटी है, (Malviya Nagar Hotel Fire) जहां एक परिवार की कहानियां हमेशा के लिए खत्म हो गई। अपने बीमार पिता का हालचाल जानने और उनके साथ कुछ पल बिताने के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आया था, लेकिन क्या पता था कि दिल्ली में ही उनका परिवार खत्म हो जाएगा।
दरअसल, बुधवार को देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लग गई। (Delhi Malviya Nagar Fire) जिसमें विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में गुरुग्राम से आए एक परिवार की कहानियां यहीं खत्म हो गई। बताया जा रहा है कि गुरुग्राम के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल (Vivek Agarwal) अपने पिता को देखने दिल्ली पहुंचे थे। उनके पिता गंभीर फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे हैं और मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार को उम्मीद थी कि बीमारी से लड़ रहे पिता को अपनों का साथ मिलेगा, उनका मनोबल बढ़ेगा और शायद स्वास्थ्य में सुधार भी होगा। लेकिन बेटे, बहू, पत्नी, पोतियों और रिश्तेदारों समेत पूरा परिवार की रेस्टोरेंट में आग की चपेट में आने से मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, विवेक अग्रवाल (Vivek Agarwal) अपनी पत्नी, दो बेटियों और बुजुर्ग मां के साथ दिल्ली आए थे। अस्पताल के नजदीक रहने की सुविधा के लिए परिवार ने मालवीय नगर के उस होटल में कमरा लिया था, जहां बाद में भीषण आग लग गई। इसी दौरान विवेक अग्रवाल के मौसा, मौसी और एक अन्य परिजन भी बीमार पिता का हालचाल लेने दिल्ली पहुंचे। उन्होंने भी उसी होटल में ठहरने का फैसला किया। किसी ने नहीं सोचा था कि यह फैसला उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। रात सामान्य थी। परिवार अगले दिन अस्पताल जाने की तैयारी में था। लेकिन अचानक होटल में आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर धुएं और लपटों से भर गया। जो इमारत यात्रियों के लिए ठहरने की जगह थी, वह देखते ही देखते मौत के जाल में बदल गई।
इस हादसे में परिवार के आठ लोगों की मौत हो चुकी है और परिवार में सिर्फ एकमात्र जिंदा बचे विवेक के पिता राधे श्याम ही बचे हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं। दिल्ली के महावीर एन्क्लेव में विवेक के ससुर प्रेम बंसल रहते हैं। हादसे के वक्त विवेक की मां, बीवी, दो बेटियां, मामा-मामी और एक अन्य रिश्तेदार मौजूद थे। बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौत हो गई।