CG Fertilizer Distribution Online: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए काम की खबर, ऑनलाइन सिस्टम से मिलेगी खाद, लेकिन करना होगा ये काम

Fertilizer Distribution Online: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए काम की खबर, ऑनलाइन सिस्टम से मिलेगी खाद, लेकिन करना होगा ये काम

CG Fertilizer Distribution Online: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए काम की खबर, ऑनलाइन सिस्टम से मिलेगी खाद, लेकिन करना होगा ये काम

CG Fertilizer Distribution Online/AI Generated Image

Modified Date: June 4, 2026 / 12:27 am IST
Published Date: June 4, 2026 12:25 am IST
HIGHLIGHTS
  • बस्तर जिले में रासायनिक खाद की बिक्री अब Farmer ID के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी
  • जिले के 86 हजार से अधिक किसान Farmer ID बनवा चुके हैं
  • खाद-बीज वितरण में अनियमितता पर कार्रवाई करते हुए 24 दुकानों को नोटिस और 21 दुकानों पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है

CG Fertilizer Distribution Online: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में किसानों के लिए बड़ी काम की खबर है, बिचौलियों से बचाने के लिए अब फॉर्मर आईडी (Farmer ID Registration) के जरिए ऑनलाइन माध्यम से रासायनिक खाद की बिक्री होगी। सहकारिता विभाग द्वारा संचालित लैंप्स एवं निजी दुकानों से रासायनिक खाद खरीदने के लिए किसानों फॉर्मर आईडी बनवाना होगा।

कृषि विभाग के अधिकारियों (CG Fertilizer Distribution Online) ने बताया किसानों के रकबा की जानकारी के आधार पर फॉर्मर आईडी तैयार होगी। अपने तय खेती के आधार पर किसान पॉश मशीन के जरिए किसान रसानीय खाद की खरीदी कर सकेंगे। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से फॉर्मर आईडी बनाने का आदेश जारी किया है।

अब तक जिले में 86 हजार से अधिक किसानों ने फॉर्मर आईडी (CG Fertilizer Distribution Online) बनवा ली है, वहीं जिले 61 लैंप्स और 125 निजी दुकानों में पॉश मशीन को अनिवार्य कर दिया गया है, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को खाद बीज आसानी से उपलब्ध हो यह सुनिश्चित करने का काम विभाग कर रहा है, इसलिए भी खाद बीज बिक्री करने में अनियमितता बरतने वाले दुकान संचालकों पर सख्ती भी विभाग ने दिखाई है इस साल 24 दुकानों को नोटिस जारी किया गया है जबकि 21 दुकानों पर विक्रय प्रतिबंध भी लगाया गया है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.