ममता बनाम शुभेंदु : 2021 चुनाव के बाद एक बार फिर भवानीपुर में होगी ‘सबसे बड़ी चुनावी जंग’

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ममता बनाम शुभेंदु : 2021 चुनाव के बाद एक बार फिर भवानीपुर में होगी ‘सबसे बड़ी चुनावी जंग’

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 07:47 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 07:47 PM IST

कोलकाता, 17 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के 2021 के विधानसभा चुनावों में सबका ध्यान आकर्षित करने वाली नंदीग्राम सीट की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इस बार भवानीपुर में नजर आएगी जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला अपने पुराने सहयोगी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर से आसन्न विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा ने निवर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को इस सीट से मैदान में उतारा है। इसके साथ ही एक बार फिर ये चुनावी जंग राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है।

शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को 1,956 मतों के मामूली अंतर से हराया था। इस हार के बाद बनर्जी भवानीपुर से उपचुनाव के माध्यम से विधानसभा पहुंचीं। ये सीट उनका गढ़ मानी जाती है।

पांच साल बाद एक बार फिर दोनों नेता चुनावी मुकाबले में आमने सामने होंगे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा,‘‘इस बार हम भवानीपुर में अधिकतम मतों से जीत हासिल करेंगे।’’

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा द्वारा शुभेंदु अधिकारी को उनकी पारंपरिक सीट नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर से मैदान में उतारने का निर्णय, इस निर्वाचन क्षेत्र को चुनाव का प्रतीकात्मक युद्धक्षेत्र बनाने का एक सुनियोजित प्रयास है, जिसका मकसद नंदीग्राम जैसा चुनाव परिणाम मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में दोहराया जा सके।

वर्ष 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से भवानीपुर पार्टी के सबसे सुरक्षित शहरी गढ़ों में से एक रहा है। इस निर्वाचन क्षेत्र में बनर्जी का आवास है और इस सीट से वह विधानसभा के लिए चुनी जाती रही हैं।

वर्ष 2021 में ममता के नंदीग्राम सीट से हार के बाद, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने बनर्जी के उपचुनाव लड़ने के लिए यह सीट खाली कर दी थी। बनर्जी ने 58,000 से अधिक मतों के भारी अंतर और लगभग 72 प्रतिशत मतों के साथ जीत दर्ज की थी।

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने चुनाव में एक नया राजनीतिक आयाम जोड़ दिया है। एसआईआर प्रक्रिया में भवानीपुर में मतदाता सूची से 47,000 से अधिक नाम हटाए गए हैं।

नामों को हटाने की यह संख्या राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि यह उस 58,000 से अधिक वोटों के अंतर से लगभग 11,000 कम है, जिससे बनर्जी ने 2021 के उपचुनाव में जीत हासिल की थी।

भाषा शफीक धीरज

धीरज