रांची, आठ अप्रैल (भाषा) नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को म्यांमा में साइबर ठगी के अड्डों तक पहुंचाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में शामिल एक व्यक्ति को राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। एक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
झारखंड सीआईडी ने बताया कि पटना के रहने वाले दाऊद अहमद को छह अप्रैल को मुंबई के डोंगरी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
बयान में कहा गया कि यह नेटवर्क झारखंड से भोले-भाले लोगों को म्यांमा में साइबर ठगी के अड्डों तक पहुंचाता था, जहां उन्हें संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए मजबूर किया जाता था।
बयान में कहा गया है कि रांची के साइबर अपराध थाने में नौ दिसंबर को भारतीय न्याय संहिता, आईटी अधिनियम और प्रवासन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एक मामले के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई।
बयान में कहा गया है, ‘‘जांच में पता चला कि आरोपी ने भारत और विदेश में स्थित अपने सहयोगियों के साथ मिलकर युवाओं को आकर्षक रोजगार की पेशकश कर उन्हें लुभाया। इसके बाद उसने उनकी यात्रा की व्यवस्था की और उन्हें विदेशी स्थानों से संचालित साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल करवाया।’’
उसके प्रमुख सहयोगियों में से एक सरताज आलम को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो जमशेदपुर निवासी है।
बयान में कहा गया है, ‘‘अन्य पीड़ितों की पहचान करने, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने और अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार करने के मकसद से जांच की जा रही है।’’
भाषा यासिर अविनाश
अविनाश