चंडीगढ़, 12 अगस्त (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा के पैरोल के मुद्दे पर हस्तक्षेप का अनुरोध किया।
उम्रकैद की सजा काट रहे हवारा ने अपनी बीमार मां से मिलने का हवाला देते हुए पैरोल की गुहार लगाई है।
मान ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव के समक्ष मामला उठाएंगे।
मुख्यमंत्री की राज्यपाल के साथ यह बैठक कटारिया को लिखे उस पत्र के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने मानवीय आधार पर हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की वकालत की थी।
मान ने कहा, ‘‘मैं उसी सिलसिले में उनसे (राज्यपाल) मिला था। राज्यपाल चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं। वह सिर्फ सिफारिश करेंगे और उसके बाद गृह मंत्रालय फैसला लेगा।’’
मान ने कहा, ‘‘हमने 10 दिन की पैरोल के लिए पत्र लिखा था। लेकिन यह केंद्र सरकार तय करेगी कि कितने दिनों की पैरोल देनी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हवारा की मां अपने बेटे से मिलना चाहती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी उनके सामने हवारा का नाम लिया जाता है, तो वह प्रतिक्रिया देती हैं। वह अपने बेटे से मिलना चाहती हैं।’’
मान ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को राज्य सरकार की ओर से गारंटी दी है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
हवारा को मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने इसे उम्रकैद में तब्दील कर दिया था। वह 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में सचिवालय के प्रवेश द्वार पर हुए विस्फोट से संबंधित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस हमले में बेअंत सिंह और 16 अन्य लोग मारे गए थे।
भाषा खारी धीरज
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