Reported By: Ranjan Dave
,Married Women Govt Jobs/Image Source: symbolic
Married Women Govt Jobs: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों में जन्मीं लेकिन राजस्थान में विवाह के बाद रहने वाली महिलाएं भी सरकारी सेवाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण की हकदार हैं। यह निर्णय वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायाधिपति संदीप शाह की खंडपीठ ने सुनाया। मामला महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और नर्सिंग ऑफिसर (नियमित भर्ती 2023) से संबंधित याचिकाओं का था। खंडपीठ ने एकलपीठ निर्णय के खिलाफ राज्य सरकार की विशेष अपीलों को खारिज कर दिया।
Married Women Govt Jobs: अधिवक्ता यशपाल खिलेरी के अनुसार, चिकित्सा विभाग ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के 3384 पदों और नर्सिंग ऑफिसर के 6981 पदों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण EWS वर्ग के लिए तय किया था। याचिकाकर्ता पुनीता रानी (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) और रीना कुंवर राजपूत (नर्सिंग ऑफिसर) ने EWS वर्ग में आवेदन किया। अंतरिम चयन सूची में उनका नाम था, लेकिन अंतिम चयन सूची में यह नाम हटा दिया गया, यह कहते हुए कि वे जन्मतः राजस्थान से बाहर (हरियाणा और मध्यप्रदेश) की हैं और शादी के बाद राजस्थान में आने के बावजूद EWS आरक्षण की हकदार नहीं हैं।
Married Women Govt Jobs: याचिका में बताया गया कि याचिकाकर्ता विवाह के बाद राजस्थान में निवासरत हैं और राज्य के सक्षम अधिकारी द्वारा मूल निवासी प्रमाण पत्र और EWS प्रमाण पत्र जारी किए गए। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा समय-समय पर परिपत्र जारी किए गए हैं, जिनमें स्पष्ट निर्देश हैं कि विवाह के बाद राजस्थान में रहने वाली महिलाओं को EWS प्रमाण पत्र देकर आरक्षण का लाभ दिया जाए। खंडपीठ ने सभी तथ्यों और न्यायिक दृष्टांतों का अवलोकन करने के बाद राज्य सरकार की विशेष अपीलें खारिज करते हुए कहा कि अन्य राज्यों में जन्मीं, लेकिन राजस्थान में विवाह के बाद रहने वाली महिलाएं भी सरकारी सेवाओं में EWS आरक्षण पाने की हकदार हैं।