नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राष्ट्रीय राजधानी में सफाई व्यवस्था में सुधार करने और धूल प्रदूषण में कमी लाने के लिए मंगलवार को अपने स्वच्छता बेड़े में आठ नयी ‘मैकेनिकल रोड स्वीपिंग’ (एमआरएस) मशीन शामिल कीं, जो ट्रक पर लगी होंगी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) पहल के तहत इन मशीनों को खरीदा है।
दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने एक कार्यक्रम में कहा कि ये मशीनें धूल प्रदूषण में कमी लाने में मदद करेंगी और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में योगदान देंगी।
उन्होंने कहा, “मौजूदा बेड़े के विस्तार का उद्देश्य दिल्ली में मशीन से सड़कों की सफाई के दायरे को बढ़ाना है, विशेष रूप से उन सड़कों पर, जिनकी चौड़ाई 60 फीट या उससे अधिक है।”
वाही ने कहा कि एमआरएस के शामिल होने से व्यस्त सड़कों और डिवाइडर पर हाथ से सफाई करने की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा में सुधार होगा।
महापौर ने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने एमआरएस की गुणवत्ता की जांच की है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मशीन 58.69 लाख रुपये में खरीदी गई है और इसकी अनुमानित परिचालन अवधि 10 साल है।
भाषा प्रचेता पारुल
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