मेरठ के कॉलेज ने अवैध रूप से काटे पेड़; एनजीटी ने एक के बदले 10 पौधे लगाने का दिया निर्देश

Ads

मेरठ के कॉलेज ने अवैध रूप से काटे पेड़; एनजीटी ने एक के बदले 10 पौधे लगाने का दिया निर्देश

  •  
  • Publish Date - May 19, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 09:42 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मेरठ के सामाजिक वानिकी प्रभाग के संभागीय निदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि शहर के एक कॉलेज द्वारा अवैध रूप से काटे गए प्रत्येक पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाए जाएं।

हरित निकाय ने पहले एक पत्र याचिका के आधार पर कार्यवाही शुरू की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मेरठ कॉलेज की प्रबंध समिति अपने परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ों की अवैध कटाई के लिए जिम्मेदार है।

न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्यों सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ ने 11 मई के एक आदेश में (जो मंगलवार को उपलब्ध हुआ) कहा कि अधिकरण द्वारा गठित संयुक्त समिति ने पेड़ों की अवैध कटाई की रिपोर्ट दी थी।

पीठ ने उल्लेख किया कि समिति के अनुसार, मेरठ के सामाजिक वानिकी प्रभाग के संभागीय निदेशक द्वारा ‘उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ के प्रावधानों के तहत वन अपराध का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि इस अपराध के संबंध में एक लाख रुपये जमा कराया गया था।

अधिकरण ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय और इस अधिकरण ने कई मामलों में अवैध कटाई को रोकने और पर्यावरण पर पड़ने वाले इसके प्रभाव की भरपाई के उद्देश्य से, अवैध रूप से काटे गए एक पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाने के सिद्धांत को अपनाया है।’

न्यायिक मिसालों को रेखांकित करते हुए, एनजीटी ने संभागीय निदेशक को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि अवैध रूप से काटे गए प्रत्येक पेड़ के बदले 10 पेड़ों का क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण कॉलेज परिसर या क्षेत्र की किसी अन्य उपयुक्त भूमि पर किया जाए।

अधिकरण ने यह भी कहा कि नए पेड़ों का कम से कम पांच साल तक उचित देखभाल के इंतजाम किए जाने चाहिए।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश