इम्फाल, 19 मई (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी जिलों में कई लोगों के अपहरण से उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
सिंह ने लियांगमाई नगा समूहों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। प्रतिनिधिमंडल ने सिंह से समुदाय के उन छह पुरुषों को छुड़ाने का आग्रह किया, जिनका कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया है।
कांगपोकपी और सेनापति जिलों में सशस्त्र समूहों द्वारा 13 मई को 38 से अधिक लोगों का अपहरण कर उन्हें बंधक बना लिया गया था। यह घटना कांगपोकपी में चर्च के तीन पादरियों की घात लगाकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
अधिकारियों ने बताया कि उनमें से 31 को रिहा कर दिया गया है और कई अन्य लोगों के अब भी बंधक होने के दावे किए जा रहे हैं।
बयान के अनुसार, ‘लियांगमाई नगा परिषद और लियांगमाई नगा महिला संघ ने मुख्यमंत्री सचिवालय में सिंह से मुलाकात की और 13 मई को कांगपोकपी जिले से अज्ञात हथियारबंद लोगों द्वारा अगवा किए गए एक पादरी सहित छह लापता पुरुषों की तत्काल रिहाई की मांग की।’
बयान के अनुसार, लियांगमाई समुदाय के एक नेता ने सिंह से कहा कि कोंसखुल गांव के इन छह पुरुषों की मौत भी हो गई हो, तो उनके शव अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को सौंप दिए जाएं।
आदिवासी नेताओं ने मुख्यमंत्री से कांगपोकपी जिले के संवेदनशील गांवों में पुलिस बल तैनात करने की भी मांग की।
सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पुलिस और सीआरपीएफ के जवान छह लापता पुरुषों की तलाश के लिए संदिग्ध क्षेत्रों में तलाश अभियान चला रहे हैं।
इस परिस्थिति में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राज्य सरकार तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने और क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।’
उन्होंने सभी समुदायों से हिंसा से दूर रहने और सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार का सहयोग करने की अपील की।
कुकी जनजातियों के शीर्ष संगठन ‘कुकी इनपी मणिपुर’ ने दावा किया कि समुदाय के 14 लोग अब भी बंधक हैं।
मणिपुर में मई 2023 से मेइती और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसा में कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश